अमर उजाला ब्यूरो
शामली। डीएम अखिलेश सिंह ने अस्थाई गोवंश आश्रय स्थलों में आवारा पशु रखने के निर्देश दिए। उन्होंने नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि जो ग्राम प्रधान आश्रय स्थल में रखे गए निराश्रित पशु की देखरेख नहीं कर रहे हैं, ऐसे प्रधानों को चिह्नित कर नोटिस भेजा जाए। ताकि शासन स्तर पर कार्रवाई कराई जा सके।
शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभाकक्ष में डीएम अखिलेश सिंह ने जिला स्तरीय अफसरों की बैठक लेकर अस्थाई गोवंश आश्रय स्थलों के निर्माण की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा निर्मित दिशा निर्देश के अनुसार निर्वाचित पशुओं के संरक्षण एवं भरण पोषण की जिम्मेदारी स्थानीय निकाय की है। अस्थाई गोवंश आश्रय स्थलों में सुरक्षित गोवंश के संचालन प्रबंधन व भरण-पोषण की व्यवस्था स्थानीय निकायों द्वारा यथासंभव अपने स्वयं संसाधनों से की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम सभा में गोचर की भूमि पर स्थाई आश्रय स्थलों का निर्माण करा कर निराश्रित बेसहारा गोवंश पशुओं का संरक्षण एवं उन का भरण पोषण स्थानीय निकाय ग्राम पंचायत द्वारा किया जाएगा। निराश्रित बेसहारा गोवंश पशुओं का संरक्षण करना उत्तर प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। चार माह खत्म हो जाने के बाद भी स्थाई गोवंश आश्रय स्थलों के निर्माण एवं उनके संचालन में रुचि नहीं ली जा रही है। यह स्थिति अत्यंत आपत्तिजनक है। ऐसे ग्राम प्रधान को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि भरण पोषण न करने पर निराश्रित पशु की मौत होती है तो संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी राजेश कुमार, एसडीएम शामली सुरजीत सिंह, एसडीएम ऊन सुरेंद्र कुमार सभी खंड स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।