अमर उजाला ब्यूरो
शामली। मेरठ-करनाल हाईवे के जर्जर होने के कारण विपरीत दिशा में दौड़ रहे वाहनों से लगातार हादस हो रहे है। इन हादसों को रोकने के लिए एसपी ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के डायरेक्टर को पत्र भेजा है। इसमें हाइवे पर कम दूरी पर बने कट बंद कराने की मांग की है।
मेरठ-करनाल हाईवे क्षतिग्रस्त होने के कारण इसमें जगह-जगह गहरे गड्ढे बने हुए है। सबसे खराब हालत करनाल से मेरठ की तरफ जाने वाली लेन की है। यहां ओवरलोड ट्रक व अन्य वाहन रांग साइड चलते है, जिस कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही है। जनवरी माह में रांग साइड वाहनों की टक्कर लगने से तीन लोगों की मौत हो चुकी है जबकि कई लोग घायल हो चुके हैं। आए दिन हादसों को लेकर ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। पिछले सप्ताह गांव सिंभालका में रात को कुछ युवकों ने रांग साइड जा रहे ट्रकों पर पथराव किया था। इसमें एक ट्रक का चालक सिर में पत्थर लगने से गंभीर घायल हो गया था। युवकों ने चालक और क्लीनर की पिटाई कर ट्रक के शीशे तोड़ दिए थे। एसपी अजय कुमार ने रांग साइड वाहनों के संचालन से हो रही दुर्घटनाओं को रोकने के लिए हाईवे पर कम दूरी पर बने कट को बंद कराने के लिए एनएचएआई के डायरेक्टर और डीएम को पत्र लिखा है। एसपी का मानना है कि कट बंद होने पर हाईवे पर रांग साइड वाहनों के संचालन पर रोक लगेगी, जिससे दुर्घटनाओं पर काफी हद तक रोक लग सकेगी।
37 किलोमीटर में 63 कट और नौ बड़े गड्ढे
शामली। जनपद में बिडौली से लेकर लांक तक करीब 37 किलोमीटर लंबे हाईवे पर 63 कट बने हुए हैं। इनमें नौ स्थानों पर बड़े गड्ढे बने है, जिनमें 33 किलोमीटर माइल स्टोन पर सबसे बड़ा गड्ढा बना हुआ है। इन गड्ढों में गिरकर जहां वाहन क्षतिग्रस्त हो रहे हैं, वहीं दुपहिया वाहनों से उछलकर लोग घायल हो रहे हैं।
एक फरवरी से जिले में नहीं घुसेंगे ओवरलोड वाहन
शामली। एसपी अजय कुमार ने बताया कि हाईवे के बार-बार क्षतिग्रस्त होने का एक कारण हरियाणा की तरफ से आने वाले ओवरलोड वाहन भी है। यह हाईवे ओवरलोड वाहनों का दबाव अधिक दिन तक नहीं झेल पाता। उन्होंने एक फरवरी से करनाल की तरफ से आने वाले ओवरलोड वाहनों को रोकने के निर्देश दिए है। करनाल की तरफ से आने वाले ओवरलोड वाहनों को जिले की सीमा पर बिडौली चेकपोस्ट पर ही रोका जाएगा। जिला ट्रांसपोर्ट यूनियन के पदाधिकारियों ने भी एसपी से मिलकर करनाल की तरफ से आने वाले ओवरलोड वाहनों पर रोक लगाने की मांग की है।