कार्यकाल समाप्त होने से पूर्व दिया त्यागपत्र
शामली। सहकारी गन्ना विकास समिति शामली की चेयरमैन कमलेश देवी ने अपना कार्यकाल समाप्त होने से एक साल पूर्व बीमारी का बहाना बता तीन दिन पूर्व अपने पद से त्याग पत्र दे दिया। प्रबंध कमेटी की आपात कालीन बैठक में समिति की चेयरमैन कमलेश देवी द्वारा दिए गए त्याग पत्र को स्वीकार कर लिया गया।
बीमार होने का कारण समिति की चेयरमैन कमलेश देवी ने तीन दिन पूर्व अपना त्यागपत्र समिति को भेजा था। सोमवार सुबह सहकारी गन्ना विकास समिति कार्यालय में प्रबंध कमेटी की आपातकालीन बैठक आयोजित की गई। जिसमें कमलेश देवी द्वारा गत चौदह सितंबर को दिए गए त्यागपत्र को सचिव प्रभारी मुुकेश राठी ने पढ़कर सुनाया। जिसको प्रबंध समिति के संचालकों द्वारा विचार उपरांत स्वीकार कर लिया गया। बैठक की अध्यक्षता समिति के उपाध्यक्ष विरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में संचालकों में विरेंद्र सिंह, मनोज कुमार, रविंद्र मलिक, राममेहर, सतेंद्र, रियाज हसन, चरण सिंह, बृजेश कुमार, विनोद कुुमार, पुष्पेंद्र निर्वाल, धर्मपाल सिंह मौजूद रहे। संचालन सचिव प्रभारी मुकेश राठी ने किया। उन्होंने बताया कि समिति चेयरमैन कमलेेश देवी ने बीमारी कारण बताकर अपने पद से त्यागपत्र दिया। समिति कार्यकाल आगामी एक साल बाद समाप्त होगा। समय से पूर्व चेयरमैन पद से त्यागपत्र देने के मामले में अटकलों का बाजार गरम हो गया है।
किसान यूनियन कार्यकर्ताओं ने मांगा जवाब
21 सितंबर को कलक्ट्रेट में धरने की घोषणा
अमर उजाला ब्यूरो
शामली। किसान यूनियन कार्यकर्ताओं ने शामली सरकारी गन्ना समिति के सचिव प्रभारी मुकेश राठी से मिलकर शामली चीनी मिल का फरवरी का बकाया गन्ना भुगतान न होने पर जवाब मांगा है। बकाया गन्ना भुगतान न किए जाने पर शामली चीनी मिल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने पर दवाब बनाया है।
किसान यूनियन कार्यकर्ताओं ने शामली गन्ना सहकारी समिति में पहुंचकर समिति के सचिव प्रभारी मुकेश राठी से मिलकर कहा कि शामली चीनी मिल से फरवरी माह का बकाया गन्ना भुगतान दिलाए जाने की मांग को लेकर गत पांच सितंबर को धरना प्रदर्शन किया था। कार्यकर्ताओं ने कहा कि सचिव प्रभारी के विश्वास पर अपना धरना प्रदर्शन समाप्त किया था। अभी तक शामली चीनी मिल ने बकाया भुगतान नहीं किया है। किसान यूनियन कार्यकर्ताओं ने शामली चीनी मिल मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए दवाब बनाया। सचिव प्रभारी ने बताया कि किसानों का बकाया गन्ने का भुगतान शॉफ्ट लोन से किया जाना है। सचिव के जवाब से असंतुष्ट होकर डीसीओ डाक्टर अनिल भारती के सामने अपनी समस्या रखी। बाद में किसान यूनियन कार्यकर्ताओं ने शामली सहकारी समिति के संचालकों और जिला गन्ना अधिकारी डाक्टर अनिल भारती से मिलने के बाद आगामी 21 सितंबर को शामली कलक्ट्रेट परिसर में धरने की घोषणा की। इस मौके पर किसान यूनियन के प्रदेश सचिव संजीव, मेनपाल, श्रीपाल मलिक आदि रहे।