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कागजों में चलते रहे स्कूल को लेकर जांच

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कागजों में चलते रहे स्कूल को लेकर जांच
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थानाभवन। हसनपुर लुहारी गांव में वर्ष 2001 से एक प्राथमिक विद्यालय का संचालन कागजों में चलता रहा, जिसका खुलासा आरटीआई के तहत सूचना मांगने पर बेसिक शिक्षा विभाग से शिकायत करने पर हुआ। विद्यालय के प्रबंधक को विभाग की तरफ से नोटिस भेजा गया है।
दरअसल, हसनपुर लुहारी गांव निवासी मोहम्मद इकबाल भारती ने खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में आरटीआई के तहत दो अप्रैल 2018 को सूचना मांगी कि गांव में चल रहे दीनिया प्राथमिक विद्यालय की प्रबंध कमेटी व वर्ष 2006-07 तक प्रबंधक रहे सदस्यों की सत्यापित जानकारी दी जाए। विभाग की ओर से इस सूचना के संबंध में विद्यालय के प्रबंधक को नोटिस जारी किया गया। नोटिस के जवाब में प्रबंधक ने बताया कि फिलहाल ग्रीष्मकालीन अवकाश के चलते प्रधानाचार्य छुट्टी पर हैं, अवकाश खत्म होते ही सूचना उपलब्ध करा दी जाएगी। एक माह बाद फिर से विद्यालय से अपील के साथ यही सूचना मांगी गई। इस पर प्रबंधक ने जवाब दे दिया कि वर्ष 2012 में मदरसा शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश ने विद्यालय को मदरसा दीनिया की मान्यता दे दी थी, जिसके बाद विद्यालय को बंद कर दिया गया। विभाग ने अगस्त माह के अंत में प्रबंधक को पुन: नोटिस भेजते हुए कहा कि हसनपुर लुहारी गांव में मदरसा दीनिया तो वर्ष 1982 से मान्यता प्राप्त होने के साथ संचालित भी है। विभाग को शक हुआ तो एक टीम गांव में जांच के लिए पहुुंची, तब मालूम चला कि गांव में इस नाम से कोई विद्यालय संचालित ही नहीं किया गया। इस स्थान पर विद्यालय संचालित होना बताया गया था, वहां एक धर्मस्थल मिला। इसकी पुष्टि ग्राम प्रधान स्वाति सैनी ने भी टीम को लिखित रूप से उपलब्ध कराई है। इसके बाद विभाग ने विद्यालय के प्रबंधक को नोटिस जारी करते हुए कहा कि यदि वर्ष 2012 में विद्यालय बंद कर दिया गया था तो इसकी सूचना विभाग को क्यों नहीं दी गई। साथ ही विभाग ने प्रबंधक को आदेश दिया कि दस दिन के भीतर विद्यालय से संबंधित सभी दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं।
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वर्जन --
विभागीय जांच के दौरान गांव में दीनिया प्राथमिक विद्यालय के संचालन के कोई दस्तावेज नहीं मिले। इस संबंध में विद्यालय प्रबंधक को नोटिस जारी कर दस दिन का समय दिया गया है। उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। -- राकेश वालिया, खंड शिक्षा अधिकारी
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