खांडसारी उद्योग को मिलेगा बढ़ावा
शामली। खांडसारी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गन्ना एवं चीनी विभाग ने अहम फैसला लिया है। चीनी मिल से खांडसारी इकाई की स्थापना में दूरी की बाध्यता को कम कर दिया है। पूर्व में 15 किलोमीटर की दूरी पर ही खांडसारी इकाई स्थापित हो सकती थी, लेकिन अब आठ किलोमीटर पर भी स्थापित हो सकेगी। इसके साथ ही गन्ना क्रेशरों को भी इस फैसले से बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि उसमें टैक्स को लेकर भी छूट दी गई है। इससे कोल्हू कुटीर उद्योग की तरफ विकसित होगा। इसका सीधा फायदा दूसरे रूप में भी होगा, क्योंकि गन्ने की बंपर पैदावार होने की वजह से किसानों को गन्ना पर्ची की समस्या उठानी पड़ती है। यदि कोल्हू, क्रेशर और खांडसारी इकाईयां बढ़ जाएंगी, तो गन्ने की आपूर्ति की समस्या कम हो जाएगी। इसके अलावा प्रदेश सरकार का यह कदम कैराना लोकसभा उपचुनाव को देखकर भी अहम माना जा रहा है। क्योंकि खांडसारी उद्योग और कोल्हू पर बड़ी संख्या में कश्यप समाज के लोग कार्य करते हैं। एक कोल्हू से करीब 150 लोग जुड़े होते हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में चीनी मिलों के साथ ही कोल्हू भी बड़ी संख्या में लगे हैं।