जलालाबाद।
कस्बे के गांधी चौक मैदान में आयोजित रामलीला में बृहस्पतिवार रात राम-कुंभकरण युद्ध और लक्ष्मण-मेघनाद युद्ध का मंचन किया गया।
पंचायती रामलीला में लंका की ओर से रणभूमि में रावण का बलवान भाई कुंभकरण सेना के साथ लड़ने के लिए पहुंचा। तो लक्ष्मण ने राम से कहा कि मैं युद्धभूमि में जा रहा हूं। परंतु राम के कहने पर कि मैं ही उसको मार गिराऊंगा। राम ने हनुमान के साथ मिलकर उसको मार गिराया। उसके बाद मेघनाद लक्ष्मण का युद्ध होता है। जिसमें मेघनाद मारा गिराया। मेघनाद की मृत्यु के बाद सुलोचना रामादल में पहुंची और राम से कहा कि मुझे मेरे पति का कटा शीश दे दो। मुझे उनके साथ चिता में सती होना है। रामलीला का भावपूर्ण मंचन में राम सुमित कुमार, लक्ष्मण हिमांशु, हनुमान देवराज जुनेजा, रावण श्यामलाल कश्यप, मंदोदरी रामदत्त, मेघनाद संदीप कुमार, कुंभकरण बिट्टू कोरी, अहीरावण ब्रजमोहन उपाध्याय आदि की मुख्य भूमिका रही। कार्यक्रम में बोबी शर्मा, देवेंद्र शर्मा, राजकुमार रुहेला, हरिओम उपाध्याय, प्रधान लाल सिंह, मिठ्ठन भटनागर, डॉ. कन्हैया कुमार, डॉ. सुनील पंवार, सुरेंद्र शर्मा, लाला प्रमोद कुमार मित्तल आदि समिति के सदस्यों का पूरा सहयोग रहा।