नगरपालिका परिषद ने लगता है कि होर्डिंग्स को लेकर टैक्स वसूलना बंद कर दिया है। होर्डिंग्स टैक्स वसूली का कोई ठेका नहीं है। नतीजतन शहर में चौराहे और प्रमुख मार्गों पर जगह जगह होर्डिंग लगे हुए हैं। टैक्स वसूली न होने से पालिका प्रशासन को प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये का चपत लग रहा है।
जनपद की नगर पालिका शहर में लगने वाले होर्डिंग्स से कोई टैक्स वसूल नहीं कर रही है। नतीजतन हर वर्ष करोड़ों रुपये का चूना लग रहा है। नगर पालिका में पांच साल से भी ज्यादा समय से होर्डिंग टैक्स वसूली का ठेका नहीं छोड़ गया है। इसके बावजूद शहर में जिस रास्ते और चौराहें पर देखो, वहां होर्डिंग ही होर्डिंग नजर आते हैं। होर्डिंग कारोबार से जुड़े लोग मोटी कमाई कर रहे हैं, जबकि पालिका की जेब खाली है। सवाल यह है कि अनदेखी के पीछे कारण क्या हैं। क्या पालिका की आमदनी को किनारे कर बंदरबांट की जा रही है। आखिर पालिका अधिकारी होर्डिंग से टैक्स वसूली में चुप्पी क्यों साधे बैठे हैं।
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नगर पालिका परिषद शामली के अधिशासी अधिकारी अवधेश कुमार का कहना है कि मैं अभी स्थानांतरित होकर आया हूं। मुझे मालूम नहीं है कि होर्डिंग पर लगने वाला टैक्स लिया जा रहा है या नहीं। यदि टैक्स नहीं लिया जा रहा है, तो अधीनस्थ अधिकारियों से वार्ता कर उस पर विचार किया जाएगा।
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नगर पालिका चेयरमैन अरविंद संगल ने बताया कि उनकी योजना से पूर्व से ऐसा ही चल रहा है। होर्डिंगों से कोई टैक्स नहीं लिया जा रहा है। पालिका हर माह अवैध होर्डिंग्स उतरवाने को अभियान चलाती है, उसके बाद फिर लोग रात में होर्डिंग लगा देते हैं।