शामली। मेरठ-पानीपत नई रेलवे लाइन के प्रोजेक्ट को अभी रेलवे मंत्रालय से भेजे गए प्रस्ताव के अनुुसार सर्वे विभाग ने अंतिम रूप नहीं दिया है। रेलवे बोर्ड ने राज्य सरकार के परियोजना क्षेत्र के आयुक्त को प्रस्ताव को विचार करने के लिए भेजा है।
मेेरठ-पानीपत नई रेलवे लाइन के लिए सालों से मांग की जा रही है। रेलवे लाइन के संबंध में कई बार सर्वेक्षण हो चुका है। पिछले 18 साल में रेलवे लाइन की लागत 275 करोड़ रुपये से बढ़कर 2200 करोड़ रुपये तक पहुंच गई हैं। रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने पिछले साल 2016 में रेल बजट में मेेरठ-पानीपत नई रेलवे लाइन के लिए 2200 करोड़ रूपये का बजट का प्राविधान रखा था। कैथल- करनाल वाया शामली नई रेलवे लाइन के सर्वे कराने की घोषणा की थी। पिछले साल दिसंबर 2016 में रेलराज्यमंत्री मनोज सिंहा ने दिल्ली-शामली, सहारनपुर रेलवे लाइन के दोहरीकरण के लिए नानौता में शिलान्यास समारोह में मेरठ-पानीपत नई रेलवे लाइन पर कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया था। कैराना के झाड़खेडी निवासी संजय सैनी ने जनसूचना के अधिकार के तहत मेरठ-पानीपत नई रेलवे लाइन के रूट के संबंध में जानकारी मांगी थी। जन सूचना के तहत नई रेलवे लाइन के लिए अधिग्रहण होने वाली कुल भूमि की जानकारी, कैथल- करनाल वाया शामली नई रेलवे लाइन के सर्वे, व मेेरठ-पानीपत नई रेलवे लाइन के लिए दो लाख रुपये की धनराशि किस मद में खर्च की गई है। इस संबंध में रेलवे बोर्ड एवं विभिन्न कार्यालयों से जानकारी मांगी गई थी। रेलवे के शिवाजी ब्रिज नई दिल्ली के उप मुख्य अभियंता निर्माण के कार्यालय से जनसूचना अधिकार के तहत पूछे गए प्रश्नो ंका जबाब देते हुए बताया गया है कि मेरठ-पानीपत नई रेलवे लाइन के प्रोजेक्ट को अभी रेलवे मंत्रालय से भेजे गए प्रस्ताव के अनुुसार सर्वे विभाग के द्वारा अंतिम रूप नहीं दिया गया है। रेलवे बोर्ड से प्राप्त 15 मई 2017 के अनुसार रेलवे बोर्ड को राज्य सरकार के परियोजना क्षेत्र के आयुक्त के विचार प्राप्त करने के लिए भेजा जा रहा है।
सर्वे की कोई जानकारी नहीं
शामली। कैथल- करनाल वाया शामली नई रेलवे लाइन के सर्वे की रेलवे बोर्ड व कार्यालयों की कोई जानकारी नहीं है। जनसूचना अधिकार के तहत प्रश्न के जवाब में उपमुख्य अभियंता शिवाजी ब्रिज नई दिल्ली ने बताया कि कैथल- करनाल वाया शामली नई रेलवे लाइन के सर्वे से उनके कार्यालय को कोई जानकारी नहीं है।