शामली। जिले में किसानों के साथ-साथ बटाइदारों से गेहूं की खरीद की जाएगी। गेहूं कटाई और थ्रेसिंग का कार्य शुरू हो गया है। पिछले 12 दिनोे में 28 खरीद केंद्रों में से सिर्फ पीसीएफ के एक खरीद केंद्र यमुना खादर क्षेत्र के ऊन में 59 क्विंटल 50 किलो गेहूं की खरीद हो पाई है। 27 खरीद केंद्र अभी सूने पड़े हैं। खरीदे गए गेहूं का किसान के खाते में 48 घटे बाद भुगतान ऑनलाइन पहुंच जाएगा।
जिले में गेहूं खरीद के लिए जिला प्रशासन ने 28 खरीद केंद्र बनाए गए है। जिसमें पीसीएफ के 18, पीसीयू के दो, भारतीय खाद्य निगम दो, खाद्य विभाग के छह खरीद केंद्र है। पिछले दस दिनों में यमुना खादर में गेहूं की कटाई शुरू हो गई है। पीसीएफ के ऊन खरीद केंद्र पर पंजीकृत के बाद एक किसान से 59 क्विंटल 50 किलो गेहूं की खरीद हो पाई है। जिला विपणन अधिकारी प्रज्ञा शर्मा ने बताया कि गेहूं बिक्री के लिए 1687 किसानों का पंजीकरण हो चुका है। ई-पोस मशीन के माध्यम से गेहूं की खरीद हो रही है। खरीद केंद्रों पर गेहूं उतरवाई छनाई का किसानों को बीस रुपये मजदूरों को दिया जाएगा। किसानों को 2275 रुपये प्रति क्विंटल और बीस रुपये मजदूरों को छनाई, उतरवाई और भराई जुड़कर भुगतान खरीद केंद्र प्रभारी की ओर से दिया जाएगा। किसानों के साथ- साथ बटाइदारों से गेहूं की खरीद की जाएगी। बटाइदारों के किए गए पंजीकरण की सूचना किसानों को भी दी जाएगी। बटाइदारों को ओटीपी मूल किसानों को दिया जाएगा। प्रज्ञा शर्मा के मुताबिक किसान को अपना गेहूं बेचने के लिए खरीद केंद्र पर आने की जरूरत नही होगी। किसान को अपना गेहूं बेचने के लिए केंद्र प्रभारी को सूचना देनी होगी। किसानों की सूचना पर खरीद केंद्र प्रभारी किसान के गांव में टीम के साथ जाकर गेहूं खरीदेगा।
बाजार भाव मंहगा, सरकारी भाव सस्ता
बाजार में गेहूं का भाव 2350 रुपये क्विंटल और सरकारी भाव 2275 रुपये निर्धारित है। बाजार का भाव गिरावट होने के बाद खरीद केंद्रों पर गेहूं की आवक बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि जिले में गेहूं की पछेती बुआई और कटाई होती है। फिलहाल गेहूं की फसल पककर तैयार हुई है। अप्रैल और मई का पूरे महीने कटाई और थ्रेसिग का कार्य होगा।