शामली। लंबी प्रतीक्षा के बाद आखिरकार उत्तर प्रदेश शासन ने मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण जिले की सीमा विस्तार को मंजूरी देते हुए अधिसूचना जारी कर दी है। शासन की अधिसूचना जारी होने के बाद प्राधिकरण की सीमा में जिले के कैराना-शामली, नगर पालिका परिषद बनत, झिंझाना नगर पंचायत समेत जिले के 53 गांव शामिल हो गए हैं। प्राधिकरण की सीमा विस्तार के बाद जिले में नया प्राधिकरण का रास्ता साफ हो गया है।
शामली नगरपालिका परिषद की सीमा खत्म के बाद मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की सीमा शुरू होती है। एक किमी की सीमा के बाद जिला पंचायत की सीमा शुरू होती है। तीन साल पहले मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की सीमा विस्तार के लिए शामली में दिल्ली-शामली, सहारनपुर हाईवे के शामली बाईपास, मेरठ-करनाल बाईपास, पानीपत खटीमा हाईवे के बनत और बलवा कंडेला समेत शामली बाईपास शामिल करते शामली, कैराना नगरपालिका परिषद, झिंझाना, बनत नगर पंचायत के अलावा जिले के 53 गांवों को शामिल करते सीमा विस्तार का प्रस्ताव तैयार किया गया था।
प्राधिकरण ने शासन को सीमा विस्तार प्रस्ताव भेजा गया था। शासन के निर्देश पर शामली तहसील, बाईपास और राजस्व गांवों के नामों का शुद्धिकरण का सत्यापन कराया गया था। तीन साल की लंबी प्रतीक्षा के बाद उत्तर प्रदेश शासन की ओर से 25 फरवरी को अधिसूचना जारी कर दी। प्राधिकरण की उपाध्यक्ष कविता मीणा ने बताया कि शासन ने प्राधिकरण शामली सीमा को मंजूरी देते हुए गत 25 फरवरी को अधिसूचना जारी कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि कैराना, शामली और ऊन तहसील के 53 गांव और शामली, कैराना नगर पालिका परिषद, बनत और झिंझाना नगर पंचायत और शामली बाईपास को शामिल किया गया है। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण का जिला मुख्यालय के चारों ओर हाईवे के बाईपास की सीमा तक विस्तार हो गया है। प्राधिकरण की सीमा का विस्तार कैराना-यमुना पुल तक होगा।
- सीमा विस्तार के बाद शामली विकास प्राधिकरण का होगा रास्ता साफ
जिला बनने के बाद शामली मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण के अधीन है। प्राधिकरण की सीमा विस्तार के बाद शामली जिले को नया विकास प्राधिकरण मिलने का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि शामली जिले का नया प्राधिकरण बनाने के लिए शासन को तीन साल पहले तत्कालीन डीएम जसजीत कौर शासन को अपनी संस्तुति भेज चुकीं हैं।
- शामली में यहां से शुरू होती प्राधिकरण की सीमा
शामली शहर में मुजफ्फरनगर रोड पर कुड़ाना मोड़, भैंसवाल रोड पर शामली मंडी, करनाल रोड पर आरके पीजी काॅलेज, दिल्ली रोड पर देशभक्त इंटर काॅलेज, पानीपत रोड पर गुलजारी वाला मंदिर, मेरठ रोड पर शामली रेलपार बाईपास पर नगरपालिका की सीमा खत्म होकर मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की सीमा शुरू हो रही है।
प्राधिकरण में शामिल हुए शामली जिले के 53 गांव
मुंंडेटकलां, बधेव, टिटौली ,खेड़ी करमू,, लिलौन, ताजपुर , सिंभालका, बरलाजट, सेहटा, बनत प्रथम,द्वितीय, गोहरनी, महरमपुर, करोडी ,सिक्का, सिलावर, धनेना, भैंसवाल प्रथम, द्वितीय, उस्मानपुर, हरड़ फतेहपुर, बंतीखेडा, बाबरी, बुटराड़ा, खेड़ी वैरागी,फतेहपुर, बलवा, कसेरवा कलां, कसरेवा खुर्द, झाल, काबड़ौत, ब्रहमखेड़ा, लोहरीपुर, पंजोखरा, जसाला,समसपुर,खंदरावली, दुल्लाखेडी, अलीपुर, ऐरटी, मन्ना माजरा,जगनपुरा,जहानपुुरा, कंडेला, गढ़ साहिस्तापुर, बामनौली,शेखपुरा, रजाकनगर, जमालपुर, साल्हाखेडी,गांजीपुर, बुधपुरा, टपराना, झिंझाना ग्रामीण।