कैसे दूर होगी सड़क की बदहाली
शामली। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे का शिलान्यास हो गया। लेकिन इस हाईवे पर पड़ने वाले गांव खेड़ीकरमू और लिलौन मार्ग बदहाल है। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे के तहत शामली बाईपास बनना है। जो इन दोनों गांव से करीब एक किलोमीटर पहले ही शुरू हो जाएगा।
खेड़ीकरमू और लिलौन गांव शामली शहर से नजदीक हैं। दोनों ही गांव दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर हैं। अभी तक भारी वाहन और यात्री वाहन इसी मार्ग से होकर गुजरते हैं। इन दोनों गांवों में मार्ग पर गहरे गड्ढे हो चुके हैं। हल्की बरसात में ही सड़क तालाब में तबदील जाती हैं। यहां लगातार हादसे होते रहते हैं। ग्रामीण कई बार समस्या को लेकर धरना प्रदर्शन कर चुके हैं। पूर्व में भी यहां पत्थरों का जाल बिछा दिया गया था। जिसके बाद परेशानी और बढ़ गई। सड़क पर पत्थरों के कारण वाहनों को रेंगना पड़ता है। वहीं, दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाइवे 709 बी के प्रोजेक्ट के तहत शामली बाईपास का निर्माण भी होना है। शामली बाईपास दिल्ली रोड पर गांव बलवा गेट से शुरू होगा। जो खेड़ीकरमू और लिलौन गांव से करीब एक किलोमीटर दूरी पर है। बाईपास के लिए जमीन के बैनामे की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। बाईपास बनने पर हाइवे पर तो वाहन फर्राटा भरेंगे। लेकिन दिल्ली रोड पर खेड़ीकरमू और लिलौन गांव में सड़क की बदहाली दूर नहीं हो पाएगी। इसके लिए स्थानीय नेताओं और अधिकारियों को अलग से मार्ग की मरम्मत करानी पड़ेगी। गांव लिलौन निवासी विक्रांत चौधरी, संजीव कुमार, कपिल कुमार, नरेंद्र सिंह, राजपाल सिंह , महेंद्र मलिक, ओमप्रकाश कालखंडे, सादिक चौधरी, अहसान और अय्यूब का कहना है कि हाईवे बनना अच्छा है। लेकिन हमारे गांव की सड़क भी ठीक होनी चाहिए। क्योंकि सड़क में गहरे गड्ढे हो रहे हैं। वाहन पलटने का डर भी बना रहता है। सड़क किनारे घरों के बाहर पानी भरा रहता है। जिससे गंदगी फैलती है और बीमारियां फैलने की आशंका है।