थानाभवन। स्थानीय सीएचसी में एक जनवरी से अब तक 240 टीबी मरीजों का पंजीकरण है। इनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। इसके अलावा ऐसे मरीजों की संख्या भी कम नहीं है जो सरकारी के बजाय प्राइवेट चिकित्सकों के यहां उपचार करा रहे हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग प्रचार प्रसार और जागरूकता के तमाम दावे करता है और लाखों रुपये इस पर खर्च करता है। फिर भी सरकारी अस्पताल में दवाई ना खाकर लोग प्राइवेट में उपचार करा रहे है। साफ है कि लापरवाही कहीं न कहीं विभागीय स्तर पर ही की जा रही है। इस संबंध में चिकित्सा अधीक्षक कांति प्रसाद का कहना है कि थानाभवन ब्लाक में 50 टीमें बनाकर घर-घर भेजी जा रही है, जो ऐसे लोगों के बलगम के सैंपल ले रही हैं, जिन्हें तीन हफ्तों से ज्यादा खांसी है। जांच पॉजीटिव आने पर उनका नियमित उपचार चलाया जाता है।
--------टीबी के लक्षण
- दो हफ्तों से ज्यादा खांसी आना व साथ में बलगम आना
-वजन कम होना, भूख कम लगना, खांसी में कभी कभार खून आना
-सीने में दर्द होना, रात को पसीना आना, घबराहट आना
----टीबी से रोकथाम एवं बचाव
- खांसते एवं छींकते समय मुंह पर कपड़ा अवश्य रखे
- खुले में न थूकें, ऐसा करने से टीबी फैलती है
-टीबी से बचाव के लिए शून्य से एक वर्ष की उम्र में बच्चों को बीसीजी का टीका अवश्य लगवाएं
- मरीज बलगम को एक बंद डिब्बे में एकत्रित करें और बलगम को 20 मिनट तक उबालकर नाली में फेंके
- रोगी अपने घर के सभी सदस्यों की टीबी के लिए जांच अवश्य कराएं
- रोगी नियमित रूप से बिना बाधा पूरा इलाज कराएं
- बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू एवं शराब जैसी गंदी आदतों से दूर रहे