- कोतवाली में धरना प्रदर्शन को विपक्षी बना सकते थे मुद्दा
शामली। किसानों की पिटाई के मामले में रविवार को शामली कोतवाली में चला धरना प्रदर्शन बड़ा मुद्दा बन सकता था। गनीमत रही कि अधिकारियों के साथ ही नेताओं ने सूझबूझ का परिचय दिया और समय रहते मामला शांत कर लिया।
रविवार दोपहर जब भाकियू कार्यकर्ता कोतवाली में धरना प्रदर्शन कर रहे थे, तो रालोद और सपा नेता भी वहां पहुंच गए थे। रालोद और सपा नेताओं ने किसानों के साथ की गई पिटाई को मुद्दा बनाने की कोशिश भी की गई, लेकिन इसी दौरान भाजपा सांसद संजीव बालियान सहित भाजपा के अन्य किसान नेता भी वहां पहुंच गए थे। इसी दौरान भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी वहां आ गए। राकेश टिकैत ने भी लोगों से कहा कि यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है, किसान और पुलिस की लड़ाई है, जिसमें लड़ने में किसान खुद भी सक्षम हैं। उधर, गन्ना विकास राज्य मंत्री सुरेश राणा तक भी इसकी सूचना पहुंची, तो वह भी सक्रिय हो गए। इसके बाद पुलिस अधिकारियों से वार्ता कर किसानों के साथ मारपीट करने के आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई, जिसके चलते मामला शांत हो गया।
पुलिस का रवैया ठीक नहीं - जयंत
रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी का कहना है कि पुलिसकर्मियों द्वारा किसानों की पिटाई करना निंदनीय है। ऐसे पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शुगर मिलें बंद हो रही हैं, लेकिन अब तक किसानों को बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं किया गया है। इस कारण किसानों में आक्रोश है।