शामली जिले में 50 एकड़ भूमि में कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना की कवायद शुरू हो गई है। कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना के लिए बाबरी में कृषि विज्ञान केंद्र का प्रस्ताव भारत सरकार को पुन: भेजा गया है। भारत सरकार से धनराशि का बजट मिलने के बाद 50 एकड़ भूमि में कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना का कार्य शुरू हो जाएगा।
जिला बनने के बाद वर्ष 2012-13 में तत्कालीन डीएम प्रवीण कुमार सिंह ने भारत सरकार को जिले में कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना का प्रस्ताव बनाकर भेजा था। साढ़े तीन साल के लंबे इंतजार के बाद भारत सरकार ने आखिर शामली, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, संभल, बदायूं समेत सात विज्ञान केंदों की स्वीकृति दी है।
गत 13 अगस्त को कलक्ट्रेट सभागार में कैराना के भाजपा सांसद हुकुमसिंह की अध्यक्षता में जिला अनुश्रवण एवं सतर्क समिति की बैठक में कृषि विज्ञान केंद्र बघरा के निदेशक डाॅ. पीके सिंह ने बताया कि भारत सरकार ने शामली समेत वेस्ट यूपी के सात कृषि विज्ञान केंद्रों की मंजूरी दी है।
बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र के लिए डीएम सुजीत कुमार सिह से 50 एकड़ भूमि का प्रस्ताव दिलाए जाने का अनुरोध किया था।
कृषि विज्ञान केंद्र के लिए शीघ्र धनराशि मिलने के बाद प्रशासनिक कार्यालय- आवासीय भवन, दो प्रयोगशाला, कृषक छात्रावास, किसान गेस्ट हाउस, मिट्टी जांच के लिए प्रयोगशाला बजट और स्टाप स्वीकृति हो जाएगी। इसमें करोड़ों रुपये की लागत से भवनों एवं करोड़ों रुपये स्टाप का वेतन भी शामिल है। गौरतलब यह है कि कृषि विज्ञान केंद्र की बाबरी-जलालपुर गांव में सैकड़ों एकड़ भूमि का कृषि फार्म मौजूद है।
डीएम सुजीत क़ुमार ने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्र के लिए बाबरी का प्रस्ताव पूर्व में भेजा जा चुका है। उसी भूमि के प्रस्ताव का रिमांडर भारत सरकार को भेजा गया है।