शामली। नोटबंदी के 45 दिन के बाद जनपद के एटीएम लोगों को कोई राहत नहीं दे पा रहे हैं। ज्यादातर बैंकों के एटीएम आज तक नहीं खुल सके। कुछ बैंकों के एटीएम कैश डलता है, तो सिर्फ दिन में एक बार। जो एक घंटे में ही समाप्त हो जाता है। लोग एटीएम पर चक्कर काटते रहते हैं लेकिन उन्हें कैश नहीं मिल
पाता। दो दिन की लगातार छुट्टी होने के बाद भी पहले ही दिन शहर के बडे़ बैंकों के एटीएम के शटर डाउन रहे।
नवंबर से नोटबंदी के चलते आज तक कस्बे व शहर के एटीएम छुट्टी के दिनों में कोई राहत देते नजर नहीं आए। बिना छुट्टी के दिन तो शहर के कुछ एटीएम में दिन में एक बार कैश डलने के बाद आज तक दूसरी बार कैश नहीं डल सका। जिन एटीएम पर कैश डाला जाता तो वहीं पर जबरदस्त भीड़ लग जाती । जिसके बाद वहां कैश निकालने के लिए मारामारी मच जाती। एटीएम पर न तो गार्ड की तैनाती और न ही पुलिस की तैनाती रहती। जिसके बाद वहां एक से ज्यादा एटीएम प्रयोग करने पर जरा सी देर में ही हंगामा होने लगता।
शहर में छुट्टी के दिनों में भी एटीएम शोपीस ही बने नजर आए। जिससे लोग सुबह से ही घर से निकलने के बाद शहर के चक्कर काटकर घर को मायूस होकर ही लौटना पड़ा।
गांव के ज्यादातर बैंकों में आज भी कैश की किल्लत चल रही है। जिसके बाद ग्रामीण लोग एटीएम कार्ड से दो हजार निकालने के लिए शहर के एटीएम पर चक्कर काटने के बाद भी ज्यादातर एटीएम राहत नही दे सकें। शहर में लगभग 20 से भी ज्यादा एटीएम मौजूद हैं, लेकिन ज्यादातर छुट्टी व अन्य दिनों में कोई राहत दे सकें।
वहीं, शनिवार व रविवार की छुट्टी होने के कारण पहले दिन ही शहर के एसबीआई व इलाहाबाद जैसे बडे़ बैंकों के एटीएम भी बंद ही मिले। कुछ छोटे बैंकों के एटीएम दिन में एक ही बार में कैश डालने के बाद एक घंटे में ही समाप्त हो गया। जिसके बाद फिर लोग इधर उधर भागते नजर आए।
शनिवार को शहर के इंडियन बैंक एटीएम व एचडीएफसी एटीएम पर भारी भीड़ रही। जिसके बाद लोगों की भारी भीड़ के कारण हंगामा होता रहा। जिसके बाद एक घंटे बाद ही कैश समाप्त हो गया। लोगों को सुबह से लाइन में लगने के बाद भी मायूस होकर ही लौटना पड़ा। 45 दिन बाद भी एटीएम के हालात सुधरने का नाम नही ले रहे। जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।