- बेसिक कोटा खत्म होने पर अवशेष गन्ना आपूर्ति के लिए उठाया कदम
- गन्ना विकास राज्य मंत्री सुरेश राणा के निर्देश पर हुई कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
शामली।
अपर दोआब शुगर मिल शामली से जुड़े किसानों के खेतों में अवशेष खड़े गन्ने की आपूर्ति के लिए बेसिक कोटा के अतिरिक्त गन्ना पर्चियां शनिवार को जारी कर दी गईं। 31 गांव के 819 किसानों के लिए यह पर्चियां जारी हुई हैं।
इस संबंध में गन्ना विकास राज्य मंत्री सुुरेश राणा ने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि जब तक खेतोें में गन्ना अवशेष है, तब तक चीनी मिलों में गन्ना पेराई बंद नहीं होने दी जाएंगी। उधर, शामली की अपर दोआब शुगर मिल में कई दिन से पेराई क्षमता से कम गन्ना खरीदा जा रहा था। अपर दोआब चीनी मिल की पेेराई क्षमता 62.50 क्विंटल प्रतिदिन की है, लेकिन मिल द्वारा 24 अप्रैल को 39 हजार क्विंटल, 25 अप्रैल को 45 हजार क्विंटल, 26 अप्रैल को 39 हजार क्विंटल, 27 अप्रैल को 45 हजार क्विंटल गन्ने की खरीद की गई। उधर, चीनी मिल प्रबंधन ने शनिवार को ही 30 अप्रैल का 80 हजार क्विंटल गन्ने का इंडेंट मिल गेट का जारी किया। वहीं, तितावी शुगर मिल ने शामली गन्ना सहकारी समिति क्षेत्र के तहत 50 हजार क्विंटल एक लाख 10 हजार 800 क्विंटल का इंडेंट जारी किया है।
जिला गन्ना अधिकारी डॉ. अनिल भारती ने बताया कि बेसिक कोटे से अतिरिक्त गन्ना आपूर्ति के लिए शामली मिल क्षेत्र से जुड़े 31 गांवों के 819 किसानों को 24 हजार 500 क्विंटल गन्ने की पर्चियां जारी करा दी गई हैं। अतिरिक्त गन्ने के सट्टे के लिए गन्ना विभाग की 32 टीमें सर्वेक्षण कर रही हैं। मिलों द्वारा नो केन बताकर बंद किए गए खरीद केंद्रों की जांच की जाएगी। जिले की चीनी मिलें गन्ना कम आने की स्थिति में दो से लेकर तीन घंटे तक नो केन की स्थिति बता रही हैं। खेतों में खड़ा गन्ना समाप्त होने के बाद चीनी मिलों में गन्ना पेराई बंद होने दी जाएगी। किसानों से अपील की है कि पर्चियों के आधार पर शुगर मिल में गन्ना आपूर्ति करें, यदि कोई समस्या है तो गन्ना विभाग को सूचना दें।