शामली। दिसंबर में अक्तूबर- नवंबर जैसा मौसम है। दिन में मौसम गरम होने से लोगों को सर्दी का अहसास नही हो पा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले सप्ताह मौसम में बदलाव आएगा। बूंदाबांदी के बाद तापमान में गिरावट दर्ज होने से मौसम ठंडा होगा।
नवंबर के प्रथम सप्ताह में आकाश में बादल और कोहरा छाए रहने से मौसम में बदलाव शुरू हो गया था। मौसम के बदलाव को देखते हुए लग रहा था कि इस बार सर्दी जल्द आ गई है। 15 नवंबर के बाद दिन में मौसम गरम और रात में ठंड बढ़नी शुरू हो गई थी। दिसंबर माह शुरू होते ही दिन में अक्तूबर- नवंबर माह जैैसा मौसम है। उधर, दिसंबर शुरू होते ही मौसम वैज्ञानिक अनुमान लगा रहे थे कि ठंड बढ़ेगी। मगर, दस दिन गुजर गए है। तापमान में बदलाव नहीं आ रहा है। रविवार को अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। दिसंबर में सर्दी न होने का एक कारण ग्लोबल वार्मिंग माना जारहा है। मेेरठ के सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि विश्व विश्वविद्यालय के मृदा विभाग के अध्यक्ष डाक्टर अशोक कुमार अहलुवालिया ने बताया कि ग्लोबल वार्मिंग के चलते सर्दी सिकुड़ रही है। जनवरी में पिछले सालों की अपेक्षा इस साल कम सर्दी पड़ेगी। कहना है कि 15 दिसंबर के बाद मौसम में बदलाव आएगा। आकाश में बादल और बूंदाबांदी के बाद मौसम ठंडा होगा। लखनऊ मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि तीन- चार दिन बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर के जिलों बूंदाबांदी के बाद मौसम में जरूर बदलाव आएगा।