जच्चा-बच्चा मृत्यु दर रोकने के लिए सरकार गर्भवती महिला को सभी जांचों के साथ जलपान भी मुहैया कराने का दावा करती है। मगर, शामली सरकारी अस्पताल में जलपान भी वितरित नहीं किया जाता। शनिवार को गर्भवती महिलाएं भूखी-प्यासी बैठी रही।
दरअसल, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत सरकारी अस्पताल में हर माह की नौ तारीख को एचआरपी डे मनाया जाता है। इस दिन सीएचसी में गर्भवती महिलाओं की सभी जांच निशुल्क की जाती है। इसके साथ ही जो गर्भवती महिलाएं अस्पताल में अपना चेकअप कराने आती है, उन्हें निशुल्क जलपान मुहैया कराया जाता है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो। करीब तीन माह पूर्व सीएमओ द्वारा सरकारी अस्पताल में इसकी शुरूआत स्वयं की गई थी। मगर, शामली सरकारी अस्पताल में यह व्यवस्था कागजों में ही सीमित रह गई है। शनिवार को अस्पताल में एचआरपी डे पर आई गर्भवती महिलाओं को दोपहर 12 बजे तक जलपान नहीं मुहैया नहीं कराया गया। जिस कारण सभी गर्भवती महिलाएं भूखी ही अस्पताल से अपना चेकअप कराने के बाद लौट गई। महिला नोशीदा, अंशुल और सोनम के अनुसार सरकारी अस्पताल में वह अपनी जांच कराने के लिए आई थी, लेकिन यहां किसी प्रकार के जलपान का वितरण नहीं किया गया।
अल्ट्रासाउंड के नाम पर काटी जा रही जेब
सरकारी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था नहीं है। अभी तक पीपीपी मोड पर भी यहां अल्ट्रासाउंड शुरू नहीं किया गया। उधर, एचआरपी डे पर आने वाली गर्भवती महिलाओं से डाक्टर अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट की मांग करतेे है। जिस कारण मजबूरन गर्भवती महिलाएं निजी सेंटर पर अपना अल्ट्रासाउंड कराती है। इस पर गर्भवती महिलाओं से हरेक अल्ट्रासाउंड के नाम पर पांच सौ से लेकर छह सौ रुपये वसूले जा रहे है।
मामला संज्ञान में नहीं है, यदि ऐसी बात है तो गंभीर है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। - डाक्टर सुशील, एसीएमओ।