स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार योजना में पंजीकरण कराने में विद्यालयों के प्रधानाचार्य और प्रबंधन लापरवाही बरत रहे हैं। विद्यालयों का पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण होना है, जिसके बाद स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार की घोषणा होनी है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने हिदायत दी है कि यदि 15 नवंबर तक पंजीकरण पूर्ण नहीं कराए गए, तो लापरवाही मानते हुए संबंधित के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।
शिक्षा निदेशालय के निर्देश पर स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार योजना के तहत ऐसे विद्यालयों का चयन किया जाना है, जिनमें स्वच्छता को लेकर अच्छे कार्य किए गए हैं। इसके लिए सभी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और मान्यता प्राप्त विद्यालयों को मानव संसाधन विकास मंत्रालय के पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना है। साथ ही गूगल प्ले स्टोर से स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार 2017-18 एप डाउनलोड करके सर्वेक्षण की प्रक्रिया पूरी करानी है। इस संबंध में पांच अक्तूबर को सभी खंड शिक्षा अधिकारियों, एबीआरसी एवं एनपीआरसी की कार्यशाला भी कराई गई तथा कई बार पत्राचार किया जा चुका है। बावजूद इसके अधिकांश विद्यालयों ने पंजीकरण नहीं कराया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर ने समस्त खंड एवं नगर शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि न्याय पंचायतवार टीमें बनाकर 15 नवंबर तक विद्यालयों का पंजीकरण कराया जाए।
दिव्यांगता के मापन को लगेंगे शिविर
शामली। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर ने बताया कि विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों की दिव्यांगता मापन के लिए शिविर लगाए जाएंगे, जिसमें शारीरिक, दृष्टि एवं श्रवण अक्षम बच्चों की दिव्यांगता मापने के साथ ही उपकरण उपलब्ध कराए जाने हैं। इसके तहत 17 नवंबर को बीआरसी ऊंचा गांव में कैराना, कांधला और ऊन ब्लाक तथा 18 नवंबर को बीआरसी बनत में शामली और थानाभवन ब्लाक क्षेत्र के बच्चों का मापन होगा। योजना के तहत उपकरणों का वितरण एलिम्को कानपुर के सहयोग से किया जाना है।