धूमधाम से निकाली गई श्रीराम बारात
कांधला(शामली)। कस्बे में श्रीराम बारात शोभा यात्रा धूमधाम के साथ निकाली गई। शोभायात्रा का कस्बे के कई स्थानों पर भव्य स्वागत किया गया।
कस्बे में श्रीराम रामलीला कमेटी मंडप पंचवटी के तत्वावधान में प्रति वर्ष की तरह श्रीराम बारात शोभायात्रा निकाली गई। मोहल्ला रायजादगान स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर से भगवान श्री गणेश की पूजा अर्चना करने के पश्चात शोभायात्रा का शुभारंभ किया गया। शोभायात्रा श्री दुर्गा माता, राधा-कृष्ण, महाराजा अग्रसेन, शिव-धनुष की पूजा करती माता सीता की झांकी, राम लक्ष्मण, भरत शत्रुघ्न, राजा दशरथ, गुरु वशिष्ठ का मुख्य रथ शामिल रहे। यात्रा मंदिर स्थल से प्रारंभ होकर कस्बे के मोहल्ला रायजादगान, हरिजन चौपाल, मोहल्ला, मोलानान, घोलानान, कानून गोयान , मेन बाजार, जैन स्थानक कांधला कैराना मार्ग से होकर रामलीला मंचन स्थल पर जाकर संपन्न हुई। शोभा यात्रा में रंग बिरंगी आतिशबाजी और बाहर से आए बैंड बाजों की धुनों पर श्रीराम का गुणगान आकर्षण का केंद्र रहा। शोभायात्रा का नगर के विभिन्न स्थानों पर सामाजिक और धार्मिक संगठनों के द्वारा भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान रामकुमार सिंघल, श्याम कुमार सिंघल, जोनी शर्मा, प्रमोद शर्मा, राजेंद्र आचार्य, धनप्रकाश, राजीव गोयल आदि मौजूद रहे।
भक्तों ने मंदिरों में की ज्योत स्थापित
थानाभवन(शामली)। नवरात्र पर ग्रामीण अंचलों में शाकंभरी देवी से पदयात्रा कर श्रद्धालुओं ने मां की ज्योत को लाकर मंदिरों में स्थापित किया। क्षेत्र के गांव हिरणवाड़ा व गुनियाजुड्डी से सैंकडों श्रद्धालु शिवालिक की पहाड़ियों में स्थित मां शाकंभरी देवी पहुंचें। वहां से ढोल नगाड़ों व डीजे के साथ माता की ज्योत को लेकर पदयात्रा करते हुए अपने अपने गांव पहुंचें और वहां की ज्योत को मंदिरों में स्थापित किया। इस मौके पर जयपाल, विरेंद्र, अनमोल, सुरेंद्र, अनुज, रामपाल, यशपाल, ओमप्रकाश आदि रहे।
मां ब्रह्मचारिणी की आराधना
थानाभवन(शामली)। नवरात्र के दूसरे दिन माता ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना मंदिरों के साथ ही घरों में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ की गई। मंदिरों में माता के दूसरे स्वरूप की कथा सुनते हुए महिलाओं ने माता का गुणगान किया। प्राचीन मंदिर देवीभवन, मंदिर कचौरीनाथ, मां शाकंभरी भवन, मंदिर जस्सुवाला, बालाधाम, देवी मंदिर राजो की मोरी, घंटो वाला मंदिर आदि में महिलाओं ने दोपहर से माता का कीर्तन कर मां का गुणगान किया। बालाजी धाम मंदिर में पंडित अवनीश गौड़ ने मां ब्रह्मचारिणी की कथा सुनाकर माहौल को भक्तिमयी बनाए रखा।