लखनऊ से आई एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) की तीन सदस्यीय टीम ने कैराना सरकारी अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम को रेवर रूप में पर्र्याप्त उपकरण नहीं मिले। जिन्हें पूर्ण कराने के लिए चिकित्साधीक्षक को निर्देश दिए गए हैं।
शामली अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद बृहस्पतिवार सुबह एनएचएम लखनऊ के नियमित टीकाकरण महाप्रंबधक डॉक्टर विकास सिंघल, भूपेश कुमार, तरुण कुमार, एसीएमओ डॉक्टर सुशील के साथ कैराना सरकारी अस्पताल पहुंचे। टीम ने यहां पर टीकाकरण की कोल्ड चेन, प्रसव रूम, साफ सफाई, जच्चा बच्चा वार्ड, एक्सरे मशीन सहित अन्य सुविधाओं की जांच की। इस दौरान टीम ने टीकाकरण की कोल्ड चेन को संतोष जनक पाया। प्रसव रूम की व्यवस्था ठीक पायी गई, लेकिन प्रसव रूम में रजिस्टरों में रिकार्ड सहीं नहीं पाया गया, जिस पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई। इसके अलावा प्रसव रूम में डिलिवरी उपकरणों की भी कमी पाई गई जिस पर अधिकारियों ने स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट भेजने की बात कही।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन नियमित टीकाकरण विभाग के महाप्रबंधक डॉक्टर विकास सिंघल ने बताया कि सरकार की मंशा मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है। यहां पर साफ-सफाई में कमी पाए जाने पर सफाई के कड़े निर्देश दिए गए हैं। साथ ही एएनएम की भी कमी देखी गई। टीम ने पाया कि कैराना में एमडीएस डाक्टर तैनात है, लेकिन अस्पताल में डेंटल चेयर नहीं है। इसके साथ ही अस्पताल में हड्डियों के डॉक्टर, महिला चिकित्सक , रेडियोलॉजिस्ट सर्जन नहीं है। जिसके लिए वो शासन को रिपोर्ट भेजेंगे। उन्होंने जच्चा-बच्चा वार्ड में मरीजों से भी बात करते हुए उनको दिए जाने वाले खाने के बारे में पूछा। साथ ही अस्पताल में दवाइयों की उपलब्धता के बारे में भी जांच की।