विकास भवन सभागार में बुधवार को आजीविका मिशन योजना के तहत मंडलीय स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। जिसमें लखनऊ से आए आजीविका मिशन योजना के निदेशक डॉ. इमरान ने गांव में गरीब महिलाओं को स्वरोजगार दिलाए जाने के लिए समूह गठित करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि समूहों का गठन होने के बाद तीन माह बाद रिवाल्विंग फंड प्रदान किया जाता हैं। जिससे महिलाएं आपस में लेनदेन कर सके। गठित समूहों की गरीब महिलाओं को पैसों के लिए किसी भी महाजन के पास जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उनको अगर धनराशि की आवश्यकता पड़ी तो समूहों को ओर धनराशि प्रदान कराई जाएगी। जिला विकास अधिकारी बलराम कुमार ने बताया कि आजीविका मिशन योजना के तहत समूहों में आने वाली परेशानी के बारे में अवगत कराया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला प्रबंधक दलगंजन सिंह ने बताया कि समूह गठित होने के छह माह बाद पंच सूत्र अपनाया जाता है।
मौके पर माइक्रो प्लान तैयार करके समूहों को एक लाख दस हजार रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई जाती है। कार्यशाला में सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली जिले के परियोजना निदेशक, सहायक विकास अधिकारियों ने हिस्सा लिया। मौके पर प्रमोद कुमार, फैैैसल मलिक, आशीष कुमार, सोनू, उमर का सहयोग रहा।