फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जीवित महिला को मृत दर्शाने में फंसे तत्कालीन तहसीलदार

विज्ञापन
विज्ञापन
शामली।
विज्ञापन

जीवित महिला को अभिलेखों में मृत दर्शाने के मामले में तत्कालीन तहसीलदार के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी ने संस्तुति कर दी है, जबकि पूर्व में इस मामले में लेखपाल और धोखाधड़ी कराने में शामिल महिला के बेटे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी है।
गत चार जुलाई को कांधला क्षेत्र के गांव रामपुर खेड़ी निवासी ऊषा देवी ने तहसील दिवस में पहुंचकर जिलाधिकारी से शिकायत की थी। महिला ने बताया था कि उसके बेटे पंकज गिरि ने कृषि भूमि अपने नाम कराने के चक्कर में 24 जुलाई 2012 को तत्कालीन हल्का लेखपाल बालेश्वर दास से साठगांठ करके उसे अभिलेखों में मृत घोषित करा दिया, जिसके बाद कृषि भूमि को लेखपाल ने पंकज गिरि के नाम दर्ज कर दिया था। इसके बाद उसके बेटे पंकज ने कृषि भूमि बेचने की कोशिश की, तो उसे पता चला कि अभिलेखों में उसको मृत घोषित करा दिया गया है। जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने तहसीलदार शामली से प्रकरण की जांच कराई, तो अभिलेखों में फर्जीवाड़ा करने की पुष्टि हो गई। इसके चलते गत 12 जुलाई को तत्कालीन लेखपाल बालेश्वर दास और महिला के पुत्र पंकज गिरि के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए गए। साथ ही लेखपाल बालेश्वर दास को निलंबित कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि मामले में तत्कालीन तहसीलदार महेंद्र बहादुर ने भी अपनी जिम्मेदारी का ठीक ढंग से निर्वाह नहीं किया। अभिलेखों में महिला को मृत दर्शाने के दौरान कानूनगो के स्थान पर तहसीलदार ने ही हस्ताक्षर किए। अभिलेखों में इसकी पुष्टि भी हो गई है, जिसके चलते तत्कालीन तहसीलदार महेंद्र बहादुर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी जा रही है। तहसीलदार महेंद्र बहादुर इन दिनों रामपुर में तैनात हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें