सहकारी समिति से ऋण लेने वाले किसानों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। इसके साथ ही बैंक अधिकारियों ने ऐसे किसानों को हर हाल में 23 जून से पहले पूरा ऋण जमा करने के निर्देश दिए हैं। इसको लेकर किसानों में नाराजगी बनी हुई है।
सहकारी समिति और बैंकों से लिए गए ऋण लेने वाले किसानों को नोटिस भेजने से हड़कंप मचा हुआ है। कर्ज में डूबे किसान परेशानी में आ गए हैं। क्योंकि एक तरफ गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं मिला, तो आलू की फसल का वाजिब दाम नहीं मिलने से भारी नुकसान झेलना पड़ा। किसान समर पाल, यशपाल, जगदीश सैनी, राकेश सैनी, जयपाल सैनी, दुलारी देवी, बाला देवी, जयपाल सैनी, संतोष देवी, नीरज पाल, अशरफ अली आदि ने बताया कि प्रदेश सरकार ने लघु एवं सीमांत किसानों के ऋण माफी की घोषणा कर रखी है। साथ ही किसानों को नोटिस भेजे जाने पर भी रोक लगाई हुई है। इसके बावजूद किसानों को नोटिस मिल रहे हैं। जिसमें 23 जून से पहले ऋण जमा करने की हिदायत दी जा रही है। किसानों ने जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह से मांग की है कि नोटिस भेजने पर रोक लगाई जाए। जब तक सरकार का कोई निर्णय नहीं आ जाता। उधर, किसान सहकारी समिति के वरिष्ठ बाबू अशोक कुमार का कहना है कि कर्ज माफी के संबंध में अभी तक कोई लिखित गाइड लाइन नहीं मिली है, जिस कारण बकाया ऋण की वसूली तो की जाएगी।