शामली। थानाभवन ब्लाक के गांव काजीपुरा जसाना उर्फ मस्तगढ़ में मनरेगा के कार्य में करीब 35 लाख रुपये का घोटाला सामने आया है। ग्रामीण की शिकायत पर मनरेगा लोकपाल की जांच में कुल 44 कार्यों में से चार कार्य ही मौके पर होना पाए गए। जबकि सभी 44 कार्य पोर्टल पर दिखाकर सरकारी धन कर दुरुपयोग किया गया। लोकपाल ने ग्राम प्रधान व सचिव के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति करते हुए सीडीओ को जांच रिपोर्ट भेज दी है।
गांव काजीपुरा निवासी अभिषेक निर्वाल ने करीब चार महीने पहले मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत करते हुए ग्राम प्रधान, सचिव व ठेकेदार पर मिलीभगत कर पांच साल में मनरेगा के कार्यों में करीब 35 लाख रुपये सरकारी धन के दुरुपयोग किए जाने का आरोप लगाया था। साथ ही इस मामले की शिकायत सीडीओ विनय कुमार तिवारी से भी की थी। शासन के निर्देश पर इस मामले की जांच मनरेगा लोकपाल शामली संतराज को सौंपी गई।
लोकपाल द्वारा की जांच में सरकारी धन का दुरुपयोग होना पाया गया। लोकपाल ने सीडीओ को भेजी जांच रिपोर्ट में बताया कि वर्ष 2021 से 2026 तक मनरेगा के तहत 44 कार्याें में से मौके पर केवल चार कार्य ही कराए गए। बाकि के कार्य केवल कागजों में ही हुए। इस मामले में ग्राम प्रधान, सचिव और ठेकेदार द्वारा कोई भी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए। माना गया कि 40 कार्य सिर्फ पोर्टल पर किए गए हैं, जो धरातल पर नहीं हुए और इन सभी 40 कार्याें के सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। जांच में सामने आया कि गांव के कुछ व्यक्ति ऐसे हैं, जिनके द्वारा ग्राम पंचायत काजीपुरा में कोई कार्य नहीं किया गया और उनके खाते में पैसे डाले गए हैं। इस मामले में सीडीओ विनय कुमार तिवारी ने बताया कि लोकपाल की जांच रिपोर्ट के आधार पर डीसी मनरेगा को नियमानुसार कार्रवाई के लिए निर्देश दिए गए हैं।
मनरेगा के कार्य में इस तरह हुआ खेल
वित्तीय वर्ष 2021-2022 में 10 कार्य मनरेगा के पोर्टल पर दर्शाए गए, जिनमें चार कार्य सही पाए गए और छह कार्य मौके पर नहीं मिले। वित्तीय वर्ष 2022-23 में छह कार्य मनरेगा पोर्टल पर दर्शाए गए। इसी तरह वित्तीय वर्ष 2023-24 में आठ कार्य, वित्तीय वर्ष 2024-25 में 11 कार्य और वित्तीय वर्ष 2025-26 में नौ कार्य मनरेगा पोर्टल पर दर्शाए गए। इनमें से मौके पर कोई कार्य किया हुआ नहीं मिला।