खोड़समा प्राइमरी स्कूल में साइकिलों से दूध लाते बच्चे।
- फोटो : अमर उजाला
चौसाना में एक तरफ जहां उत्तर प्रदेश सरकार ने जिलाधिकारियों को मिड डे मील को अधिक साफ, स्वच्छ, बेहतर एवं पौष्टिक आहार के रूप में दूध, केले, खीर आदि समय पर देने के लिए आदेश दिए हैं। वही ऊन ब्लॉक के इंदिरा नगर (खोड़समा) स्थित प्राथमिक विद्यालय में प्रदेश सरकार की योजनाओं की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
स्कूल में में बच्चों को करीब एक साल से रोटियां नहीं मिल रही हैं। बच्चों को कीड़े पडे़ हुए आलू की सब्जी खानी पड़ रही है, वहां पर तैनात रसोई माता राकेश व कविता का कहना है कि विद्यालय में एक सप्ताह से गैस सिलेंडर नहीं है, जिससे बच्चों को सही तरीके से खाना नहीं मिल पा रहा है। ग्राम प्रधान ने करीब एक साल से विद्यालय में न तो आटा दिया है और 35 बच्चों के खर्चे के लिए दो माह में केवल एक किलो दाल, 500 ग्राम तेल तथा सड़े हुए आलू मिलते हैं।
जबकि 35 बच्चों के लिए केवल 1.5 लीटर दूध ही मिलता है जिसको अध्यापक बच्चों से ही मंगवाते हैं। बच्चे चार किलोमीटर साइकिल लेकर खोड़समा गांव जाते हैं और दूध लेकर आते हैं। बच्चे सुबह आठ बजे जाते हैं और दूध लेकर वापस 11 बजे तक वापस लौटते हैं, जिससे बच्चों की स्कूल की पढ़ाई भी छूट जाती है। ग्राम प्रधान का कहना है कि जितना राशन मिल रहा है उसी से काम चलाना पडे़गा।
उधर, बच्चों के अभिभावकों ने इस मामले में जांच करा कार्रवाई की मांग की है।
चौसाना में एक तरफ जहां उत्तर प्रदेश सरकार ने जिलाधिकारियों को मिड डे मील को अधिक साफ, स्वच्छ, बेहतर एवं पौष्टिक आहार के रूप में दूध, केले, खीर आदि समय पर देने के लिए आदेश दिए हैं।