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जिले में अस्तिव में आएंगे नए-पुराने काजी हाऊस,

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जिले में अस्तित्व में आएंगे पुराने कांजी हाउस
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शामली। जिले में अस्तित्व खो चुके कांजी हाउस को दुरुस्त किया जाएगा। शासन के आदेश पर जिले में नए कांजी हाउस भी बनाए जाएंगे। शासन ने पुराने जर्जर हालत में पड़े हुए कांजी हाउस को दुुरुस्त करने व पशुओं के लिए भूसा व चारागाह रखने के लिए स्थान, पानी की व्यवस्था करके चतुर्थी कर्मचारी की नियुक्ति करने के निर्देश दिए हैं।
शासन के विशेष सचिव जितेंद्र बहादुुर सिंह ने दो अगस्त को शासनादेश जारी करके जिला पंचायतों में जर्जर हालत में पड़े कांजी हाउस की हालत सुधारने व उनमें पशुओं के लिए शेड, भूसा रखने का स्थान व पीने के लिए पानी की व्यवस्था करने के जिला पंचायत को निर्देश दिए है। शासनादेश के मुताबिक जिला निधि व राज्य वित्त आयोग की गाइड लाइन के अनुसार पांच प्रतिशत धनराशि खर्च की जाए। पशुओं के बीमार होने पर जिला पशु चिकित्साधिकारी को सूचना देकर इलाज की व्यवस्था हो। पशुओं की सुरक्षा निगरानी के लिए एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की नियुक्ति की जाए। शासनादेश में नए कांजी हाउस का निर्माण करने के लिए पांच हजार स्कवायर मीटर स्थान की भूमि में एक पशु के लिए 150 स्कवायर मीटर भूमि अनिवार्य उपलब्ध हो।
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पशुओं को छुड़ाने के लिए अर्थदंड भी देना होगा
पशुओं के लिए अर्थदंड भी निर्धारित किया गया है। हाथी, ऊंट पर दो हजार रुपये, सांड़, बैल, गाय, बछड़ा, घोड़ी, भैैंस आदि पर एक हजार रुपये अर्थदंड लगेगा। गाय का बछड़ा, बकरा- बकरी, भेड़ व शूकर पर 500-500 रुपये जुर्माना निर्धारित किया गया है। शासन के विशेष सचिव का मंडलायुक्त डीएम, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारियों को शासनादेश प्राप्त हो गया है।
जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी मुकेश जैन ने बताया कि शामली जिले की जिला पंचायत में दो पशु संरक्षण केंद्र अथवा कांजी हाउस बने थे। जिनमें जलालाबाद व दूसरा कांधला में था। नौ जून वर्ष 1997 में शासनादेश के तहत कांजी हाउस में तैनात कर्मचारियों को मृत कैडर घोषित कर दिया गया था। पहले जिला पंचायत के आधीन प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूल आते थे, जो भूमि शिक्षण संस्थाओं को हस्तांतरित हो गई है। मौजूदा समय में जिला पंचायत के पास भूमि नही है। कांजी हाउस व पशु संरक्षण केंद्र की भूमि का प्रस्ताव बोर्ड बैठक रखा जाएगा।
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बनत में गोरक्षा केंद्र बनेगा,
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉक्टर राजेश कुमार ने बताया कि जिले में एक करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से बनत में 1.22 हेक्टयर भूमि में गोरक्षा केंद्र बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि गोरक्षा केंद्र में पशुओं के चारे के लिए खोर, नलकूप का व्यवस्था की जाएगी। व्यवस्था के लिए छह व्यक्तियों के रहने के लिए शौचालय व स्नानघर बनाए जाएंगे। शासन के निर्देश पर आवारा गोवंशीय पशुओं को रखा जाएगा। आए दिन गोवंशीय आवारा पशु सड़क- खेतों में घूमते रहते हैं।
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