शामली। कलक्ट्रेट में शुक्रवार को भी आशाओं का बेमियादी धरना 10वें दिन जारी रहा।
आशाओं ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन में कहा कि शासन के निर्देश पर आशाओं को एक हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है। जबकि आशाओं को 24 घंटे ड्यूटी करने की जिम्मेदारी गई है। जिसमें गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण, शिशुओं की देखभाल, उनके भोजन और टीकाकरण आदि के सर्वे आदि कार्य दिए गए हैं। जिससे आशाओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। आशाओं ने 20 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिलाए जाने की मांग की गई। आशा संगठन की जिलाध्यक्ष बबीता ने कहा कि मानदेय की मांग पूूरी होने तक बेमियादी धरना जारी रहेगा। आशाओं ने प्रशासन के सभी कार्यों का बहिष्कार किए जाने का आह्वान किया। मौके पर सीमा, शबनम, सुषमा, सलोनी, मीनाक्षी, मनीषा, मंजूपाल, प्रवीता पाल, नीतू, सुधा, कृष्णा, शबनम, सुषमा, सीमा, बबली, शारदा, रश्मि, सरिता, मंजू, रविता, मुनेश, विशाखा, राकेश, सोनिया, अंजू, राखी, आदि शामिल रहीं।