शामली। विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की फोटोयुक्त मतदाता सूची के पुनरीक्षण में बीएलओ ने जमकर लापरवाही की। न तो पुनरीक्षण कार्य गंभीरता से किया और नहीं निर्धारित समय तक नाम जोड़ने और नाम कटवाने संबंधी प्रपत्र जमा कराए गए। इसके चलते 85 बीएलओ के वेतन आहरण पर रोक लगाने का आदेश दिया गया है।
तहसीलदार अभयराज पांडेय ने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग से शिक्षकों की ड्यूटी विधानसभा मतदाता सूची के संक्षिप्त पुनरीक्षण के लिए बीएलओ के रूप में लगाई गई थी। पुनरीक्षण का कार्य 30 जून तक पूर्ण कराया जाना था। इसके लिए पूर्व में भी कई बार बैठकें करके निर्देश जारी किए गए, लेकिन बीएलओ ने अपने भाग से संबंधित एक भी फार्म (प्रपत्र 6,7,8) जमा नहीं कराया। इससे स्पष्ट है कि बीएलओ ने मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य में रुचि नहीं ली। इसके चलते एसडीएम दुष्यंत कुमार ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर लापरवाही बरतने वाले 65 सहायक अध्यापक, शिक्षा मित्रों के वेतन/मानदेय के आहरण पर रोक लगाने का निर्देश दिया है। इसके अलावा 20 अंशकालिक शिक्षकों के खिलाफ भी इसी आरोप में पत्र भेजकर वेतन/मानदेय आहरण पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया है। वहीं, कुडाना स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक मनोज कुमार के खिलाफ एसडीएम दुष्यंत मौर्य ने शामली कोतवाली पुलिस को तहरीर भेजकर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की है। सहायक अध्यापक मनोज कुमार पर भी मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य में लापरवाही बरतने का आरोप है।