शामली। सात दिन बीत जाने के बाद अभी तक एक लाख 89 हजार 632 में से केवल 93 हजार 268 कॉपियों का ही मूल्यांकन हो सका है। शासन की निर्देशानुसार सारा मूल्यांकन 15 दिन में पूरा किया जाना है। उधर, परीक्षकों की कमी के चलते सबसे धीमा मूल्यांकन हाईस्कूल की अंग्रेजी और हिंदी विषय की कॉपियों का चल रहा है।
यूपी बोर्ड की गाइडलाइन के अनुसार 17 मार्च से शुरू हुआ मूल्यांकन कार्य 15 दिन में समाप्त करना है। जनपद के मूल्यांकन केंद्र पर विभिन्न जनपदों से एक लाख 89 हजार 632 कॉपियों भेजी गई है। इनमें एक लाख हाईस्कूल और 89 हजार 632 इंटर की कॉपियां है। इसके लिए करीब 482 परीक्षकों को लगाया गया है। मगर, विभिन्न मांगों के लिए वित्तविहीन परीक्षकों को मूल्यांकन कार्य से बहिष्कार जारी है। यहीं वजह है कि आधा समय बीत जाने के बाद भी अभी तक केवल 93 हजार 268 कापियों का ही मूल्यांकन हो सका है। इसमें हाईस्कूल की 63 हजार 900 और इंटर की 30 हजार 368 कॉपियों का शुक्रवार तक मूल्यांकन होना बताया गया है। यह संख्या उन कापियों की है जो शुक्रवार पांच बजे तक कोठारों से निकल चुकी है। जिसमें काफी कॉपियां का मूल्यांकन शनिवार को होगा। अभी भी 96 हजार 364 कापियां कोटारों में शेष है।
मूल्यांकन उप नियंत्रक लोकेंद्र कुमार का कहना है कि समय पर मूल्यांकन कार्य पूरा कर लिया जाएगा। आसपास के कॉलेजों से परीक्षकों की तलाश की जा रही है। यह समस्या वित्तविहीन शिक्षकों के मूल्यांकन बहिष्कार करने से आ रही है। शुक्रवार को भी 57 परीक्षक अनुपस्थित रहे है।
नियंत्रक ने किया मूल्यांकन केंद्र का निरीक्षण
नियत्रंक कार्यवाहक डीआईओएस चंद्रशेखर ने मूल्यांकन केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कमरों में घूमकर सभी परीक्षकों से अपने विषयों की कापियों का मूल्यांकन बड़े ही सावधानी और न्यायपूर्वक करने के निर्देश दिए। वहीं अंकों के जोड़ पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि कापी के सभी पृष्ठों के अंकों को ध्यान के साथ दो बार जोड़कर ही लिखें। जिससे किसी के साथ अन्याय न हो। वहीं, किसी भी परेशानी के लिए तुुरंत बताने की अपील की।