शहर के धर्मपुरा मोहल्ले में स्थित आदिनाथ जिन्नालय में दशलक्षण पर्व के तहत शांतिधारा पाठ संपन्न कराया गया। मंगलवार को अनंत चतुर्दशी को दशलक्षण पर्व समाप्त हो जाएंगे।
सोमवार को दसवें दिन जैन पंडित कोमलचंद जैन ने विधि विधान से उत्तम अकिंचन धर्म के बारे में जानकारी दी। बताया कि इस संसार में किंचित मात्र से मनुष्य माता- पिता, भाई-बहन, पति-पत्नी, पुत्र, मित्र से अपने विविध संबंध के वशीभूत ममता करता है। परेशानी आने पर प्राणी की परिजन कोई भी मदद करता है तो वह उसे अच्छा मानता है। शत्रु मानकर कोई मित्र उनसे द्वेष करता है और हानि पहुंचाता है। बुरा मानकर कुछ भी मेरा नहीं है, यह अकिंचन धर्म है। मंगलवार को सुबह अनंत चतुर्दशी पर दशलक्षण पर्व पर विशेष पूजा अर्चना, व्रत विधि विधान संपन्न होगा। इस मौके पर जिनेंद्र जैन, सुनील जैन, अंकित जैन, राकेश जैन, नमित जैन, सुधा जैन, अनिता जैन, मंजू जैन, धन कुमार जैन, मुन्ना जैन, गौरव जैन, अभिषेक जैन आदि मौजूद रहे।