गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर शुगर मिल प्रबंधन और किसानों के बीच चल रहा तनातनी सोमवार को समाप्त हो गई। मिल प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि चीनी और शीरा बिक्री करके नियमित रूप से बकाया भुगतान किया जाएगा। साथ ही सितंबर माह तक समस्त भुगतान कर दिया जाएगा।
भारतीय किसान यूनियन ने बकाया गन्ना मूल्य भुगतान न होने पर उग्र रुख अख्तियार कर लिया था। शुगर मिलों से चीनी और शीरा की बिक्री पर पाबंदी लगा दी थी। इसी के चलते रविवार की रात शामली शुगर मिल में हंगामा कर चीनी से लदे वाहनों के टायरों की हवा निकाल दी थी और एक ट्रक में तोड़फोड़ भी कर दी थी। देर रात भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी शुगर मिल में पहुंच गए थे। चेतावनी दी थी कि सोमवार सुबह शुगर मिल के गेट पर वेल्डिंग कराकर गेट बंद करा दिए जाएंगे।
उधर, सोमवार की सुबह जिला गन्ना अधिकारी अनिल कुमार भारती ने जिले की तीनों चीनी मिलों के अधिकारियों से वार्ता की। इसके बाद कलक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह की मौजूदगी में किसानों और मिल अधिकारियों की बैठक हुई। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि सोमवार को ही शामली शुगर मिल ने पांच करोड़, थानाभवन ने पांच करोड़ और ऊन शुगर मिल ने ढाई करोड़ रुपये का भुगतान किया है। बकाया समस्त गन्ना मूल्य भुगतान शामली और थानाभवन शुगर मिल सितंबर माह में कर देगी। वहीं, ऊन चीनी मिल पावर कारपोरेशन से मिलने वाली प्रति सप्ताह धनराशि के जरिये किसानों का बकाया भुगतान करेगी।
जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि बकाया भुगतान के इस वादे में लापरवाही की गई अथवा मनमानी बरती गई, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नियमित रूप से बिक्री होने वाले चीनी और शीरा से किए गए भुगतान की जानकारी भी नियमित रूप से किसान नेताओं को दी जाएगी। इसके बाद भाकियू नेताओं ने शुगर मिल से चीनी और शीरा निकलने पर लगी पाबंदी फिलहाल हटाने पर सहमति जता दी। इस दौरान भाकियू जिलाध्यक्ष जावेद तोमर, कुलदीप पंवार, विनोद निर्वाल, जिला पंचायत सदस्य मास्टर जाहिद के अलावा शामली, थानाभवन और ऊन शुगर मिल के अधिकारी मौजूद रहे।
ऊन शुगर मिल के पास नहीं है चीनी
थानाभवन और शामली शुगर मिल के पास अभी चीनी का स्टाक है, जबकि ऊन शुगर मिल अब तक उत्पादित समस्त चीनी बिक्री कर चुकी है। ऊन शुगर मिल के अधिकारियों ने बताया कि पावर कार्पोरेशन से करीब 31 करोड़ रुपये उनकी शुगर मिल को मिलना है, जिसमें से किसानों के बकाया 28 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया जाएगा। इस पर भाकियू जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि ऊन शुगर मिल अपने यहां उत्पादन होने वाली चीनी का स्टाक हरियाणा में ले जाकर करती है, जबकि यह नियमों का उल्लंघन है। जिलाधिकारी ने भी इस पर नाराजगी जताई और कहा कि अगले पेराई सत्र में चीनी का स्टॉक चीनी मिल के गोदाम में ही होना चाहिए।
------ बकाया गन्ना मूल्य की स्थिति --------
-- मिल ---------- हुआ भुगतान ------- बकाया ----------- भुगतान प्रतिशत
शामली ------- 236 करोड़ 61 लाख -- 81 करोड़ 65 लाख -- 74.34 प्रतिशत
ऊन --------- 107 करोड़ 68 लाख --- 28 करोड़ एक लाख -- 79.35 प्रतिशत
थानाभवन -- 284 करोड़ 60 लाख --- 47 करोड़ 49 लाख --- 85.70 प्रतिशत
योग --------- 628 करोड़ 90 लाख --- 157 करोड़ 16 लाख -- 80.01 प्रतिशत