आयकर विभाग के तत्वावधान में आयोजित जागरूकता गोष्ठी में आयकर अधिकारी मनमोहन सिंह ने कहा कि विभिन्न प्रकार के वित्तीय अंतकरणों को साबित करने के आयकर विवरणी ही मान्य साक्ष्य है। आज के बदलते परिदृश्य में आधार द्वारा बैक खातों में और पैन नंबर जोड़ने के बाद प्रत्येक बैंक खाते की जानकारी विभाग में आसानी से उपलब्ध है।
बुधवार की शाम सरतीदेवी राजाराम स्कूल में उन्होंने कहा कि जीएसटी को पैन नंबर से जोड़ा जा रहा है। ऐसी स्थिति में करदाताओं को अपनी आयकर विवरणी में सही आय की घोषणा समय पर करने की आवश्यकता बन गई है। आयकर विभाग के पास काफी सूचनाएं उन व्यक्तियों के वित्तीय अंतकरणों की है, जिसमें प्रथम दृष्टया यह प्रतीत हो रहा है, कि इन व्यक्तियों को आयकर विवरणी दाखिल करनी चाहिए। उन्होंने करदाताओं से सही आय पर अपने कर की सही समय पर अदायगी करने का अनुरोध किया। कहा कि कर अदायगी राष्ट्र निर्माण का स्रोत है। राष्ट्र की प्रगति के लिए करदाताओं को समय पर कर अदा करना चाहिए। इस दौरान आयकर निरीक्षक आरके जैन, रोहित कुमार, संजीव ने आयकर की मौलिक जानकारी दी गई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष घनश्यामदास गर्ग ने आयकर विभाग की नित्य कर सुधार की प्रंशसा की।