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Shamli News: हथिनीकुंड बैराज से यमुना में छोडा गया 2.52 लाख क्यूसेक पानी

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-रविवार दोपहर तक यमुना खतरे के निशान को कर सकती है पार
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-बाढ़ चौकियां को किया अलर्ट जारी

फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
कैराना। पहाड़ी व मैदानी इलाकों में भारी बारिश के चलते हथिनीकुंड बैराज पर पानी की मात्रा बढ़ गई है। जिसके चलते हथिनीकुंड बैराज से यमुना नदी में छोडे़ जाने वाले पानी की अधिकतम मात्रा 2 लाख 51 हजार 987 क्यूसेक प्रति सेकंड दर्ज की गई। रविवार दोपहर तक यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर सकता है। वहीं, बाढ़ चौकियों को फिर से अलर्ट जारी कर दिया गया है।

11 जुलाई को हथिनीकुंड बैराज से यमुना नदी में 3.2 लाख क्यूसेक पानी प्रति सेकंड डिस्चार्ज किया गया था। जिस कारण यमुना नदी में बाढ़ आ गई थी। यमुना की बाढ़ से सहपत का तटबंध का हिस्सा पानी में बह गया था तथा हजारों बीघा फसल बाढ़ से बर्बाद हो गई थी। बाद में हथिनीकुंड बैराज पर पानी की मात्रा के कम होने के चलते यमुना का जलस्तर धीरे धीरे कम होता गया। शनिवार सुबह 8 बजे व शाम 4 बजे यमुना नदी का जलस्तर समुंद्र तल से 229.95 मीटर की ऊंचाई पर दर्ज किया गया। यमुना का चेतावनी बिंदु 231 मीटर व खतरे का निशान 231.50 मीटर पर है। वहीं पहाड़ों पर अधिक वर्षा के चलते शनिवार सुबह 8 बजे हथिनीकुंड बैराज से यमुना नदी में छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा 68 हजार 357 क्यूसेक प्रति सेकंड तथा दोपहर 2 बजे बढ़कर 2 लाख 51 हजार 987 क्यूसेक प्रति सेकंड दर्ज की गई। ड्रेनेज विभाग के सहायक अभियंता राजेंद्र कुमार ने बताया कि रविवार दोपहर तक यमुना नदी की जलस्तर खतरे के निशान को पार कर सकता है। हथिनीकुंड बैराज पर अभी भी ऊपर पहाड़ों से बारिश का अधिक पानी आ रहा है।
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इन्होंने कहा..
सभी चारों बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। इसके अलावा तटवर्ती गांवों के हलका लेखपालों व जिम्मेदार लोगों को भी अलर्ट किया गया है। यमुना के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।
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-गौरव सांगवान तहसीलदार कैराना।

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यमुना नदी में हथिनीकुंड बैराज से एक सेकंड में डिस्चार्ज होने वाले पानी की मात्रा

शनिवार सुबह 8 बजे 68 हजार 357 क्यूसेक

सुबह 9 बजे 1 लाख 47 हजार 857 क्यूसेक

सुबह 10 बजे 2 लाख 9 हजार 42 क्यूसेक

सुबह 11 बजे 2 लाख 23 हजार 54 क्यूसेक

दोपहर 12 बजे 2 लाख 40 हजार 825 क्यूसेक

दोपहर 1 बजे 2 लाख 41 हजार 518 क्यूसेक

दोपहर 2 बजे 2 लाख 51 हजार 987 क्यूसेक

अपराहन 3 बजे 2 लाख 42 हजार 905 क्यूसेक

शाम 4 बजे 2 लाख 32 हजार 566 क्यूसेक

शाम 5 बजे 2 लाख 4 हजार 436 क्यूसेक



बाढ़ की स्थिति में यमुना से निकलने वाली दोनों नहरें कर दी जाती है बंद


पिछले दिनों दिल्ली में यमुना में आयी बाढ़ के बाद दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि यूपी व हरियाणा सरकार ने यमुना से निकलने वाली दोनों नहरों के गेट बंद करके दिल्ली को यमुना की बाढ़ में डुबाने की साजिश रची है। उक्त मामले में ड्रेनेज विभाग के सहायक अभियंता राजेंद्र सिंह ने बताया कि जब यमुना नदी में पहाड़ों से 3 लाख क्यूसेक से अधिक पानी डेम पर आता है, तो अधिक पानी के कारण पानी के साथ सिल्ट भी बहुत अधिक मात्रा में आती है। अगर सिल्ट का पानी नहरों में छोड़ दिया जाये, तो यमुना से निकलने वाली पूर्वी यमुना नहर व पश्चिमी यमुना नहर में सिल्ट जम जायेगी तथा जिन इलाकों से नहर निकलती है वहां भी नहर का पानी तबाही मचा सकता है। जिस कारण नहरों को बाढ़ आने की स्थिती में बंद करना पड़ता है।
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