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2442 किसान फर्जी सट्टों पर करते रहे गन्ने की आपूर्ति

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शामली। जिले में गन्ने के फर्जी सट्टों का खेल चल रहा था। 2442 किसान फर्जी सट्टों पर गन्ने की आपूर्ति चीनी मिलों को करते आ रहे थे। इन किसानों के पास 1293 हेक्टेयर गन्ना रकबा दर्शाया गया था। जिले के गन्ना विभाग के सर्वे और राजस्व विभाग के रिकार्ड के मिलान से इसका खुलासा हुआ है।
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जिले में एक लाख 60 हजार 997 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि है, इसमें 80 हजार हेक्टेयर पर गन्ने की खेती होती है। छह हजार हेक्टेयर रकबा बागपत जिले की रमाला चीनी मिल को हस्तांतरित होने के बाद जनपद में 74 हजार हेक्टेयर गन्ना रकबा जिले की चीनी मिलों पर बचा है। जिले में गन्ना सर्वेेक्षण और किसान मेले के बाद 2442 किसानों के फर्जी सट्टे मिले हैं। जिले के गन्ना विभाग के रिकार्ड के मुताबिक 2402 किसानों का 1293 हेक्टेयर ज्यादा रकबा दर्ज किया गया है।
इतना ही नहीं 1646 मृतक किसानों के सट्टे भी चले आ रहे थे। 348 भूमिहीन किसानों के फर्जी सट्टे पाए गए हैं जबकि 400 किसानों के डबल सट्टे मिले हैं। 48 सट्टे फर्जी मिले हैं। भूमिहीन के सट्टे बनाने में शामली समिति आगे है। फर्जी सट्टों के मामले ऊन समिति, मृतक और डबल सट्टे बनाने में शामली समिति और कृषि योग्य भूमि अधिक दर्ज कराने के सबसे ज्यादा मामले थानाभवन गन्ना सहकारी समिति में हैं।
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जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर सिंह ने बताया कि 2442 किसानों के गलत सट्टों को निरस्त किया जा रहा है। 1293 हेक्टेयर भूमि को गन्ने के क्षेत्रफल से कम किया जारहा है। गलत चल रहे सट्टों के खत्म होने से किसानों को समय पर गन्ना पर्चियां मिलने के साथ समय पर चीनी मिलों को गन्ना आपूर्ति करने का लाभ मिलेगा।
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जिले की समितिवार फर्जी सट्टे का आंकड़ा
समिति- भूमिहीन- फर्जी सट्टा- मृतक सट्टा- डबल सट्टा- कृषि योग्य भूमि से अधिक--
शामली- 182- -5- -835- 233- 122 हेक्टेयर
ऊन - 84- -27- -467- -77- 189 हेक्टेयर
थानाभवन- 82- -16- -344- -90- 982 हेक्टेयर
कुल योग- 348- 48- 1646- -400- 1293 हेक्टेयर
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