शामली के टोडा क्षेत्र में जंगल में मिले शव की जांच करती पुलिस
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घटनास्थल के पास सक्रिय मिले 2200 मोबाइल नंबर
कैराना (शामली)। कैराना कस्बे में दो युवतियों की हत्या का राज अभी तक नहीं खुला है। अभी तक दोनों युवतियों की शनाख्त भी नहीं हुई। शाम को सहारनपुर मंडल के डीआईजी ने कैराना मेें घटनास्थल पर पहुंचकर मुआयना किया। उधर, पुलिस ने बीटीएस तकनीक से घटनास्थल के आसपास सक्रिय 2200 मोबाइल नंबरों को ट्रेस किया है। इन नंबरों की रेंडम जांच पर पुलिस सुराग तलाशने की कोशिश कर रही है।
रविवार शाम करीब 6 बजे डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल जगनपुर के जंगल में घटनास्थल पर पहुंचे। कोतवाल ने बताया कि घटना के बाद खेत से बाहर एक आर्टिफिशियल कानों का बुंदा और एक बेल्ट का टूटा हुआ बिल्ला मिला था। डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल, एसपी विनीत जयासवाल ईख के खेत के अंदर उस स्थान पर भी पहुंचे, जहां दोनों युवतियों के शव मिले थे। यहां से लेकर सड़क तक उन्होंने पूूरा क्षेत्र देखा और एसपी को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस केस में अभी तक पुलिस ने फॉरेंसिक जांच करा ली। डॉग स्क्वॉड भी आए, लेकिन इसके बाद भी अभी तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा। अब पुलिस की मोबाइल सर्विलांस की टीम ने बीटीएस तकनीक के माध्यम से घटनास्थल के आसपास घटना के समय चल रहे मोबाइल नंबरों का डाटा उठाया। कोतवाली प्रभारी यशपाल धामा ने बताया कि स्वॉट टीम के अलावा सर्विलांस की टीम तथा पुलिस की चार टीमें इस केस में जुटी हैं। घटनास्थल से खून की छींटे एक बस्ती तक पहुंची थी। बस्ती के बंद मकानों को खंगाला गया था। वहीं, 2200 मौबाइल नंबरों की गहनता से जांच की जा रही है ओर सुराग तलाशने की कोशिश हो रही है।
नहीं हुई शनाख्त, हुआ अंतिम संस्कार
कैराना। बुधवार शाम जगनपुर के जंगल में मिले दोनों युवतियों के शव की काफी प्रयास के बाद भी शनाख्त नहीं हो सकी। पुलिस ने अज्ञात में शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव को शामली मोर्चरी में रखवा दिया था। नियमानुसार 72 घंटे बीत जाने के बाद भी शनाख्त नहीं हुई। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि रविवार को दोनों के शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।