बिना नीलामी कर दिया 22 दुकानों का आवंटन
शामली। नगरपालिका शामली की 22 दुकानों का गुपचुप तरीके से आवंटन कर दिया गया। चार सभासदों ने नियमों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। सभासदों का कहना है कि सार्वजनिक नीलामी के बिना ही दुकानों का आवंटन किया गया है। उन्होंने नियमानुसार दुकान आवंटित करने और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
नगरपालिका के वार्ड सभासद अनिल उपाध्याय, राजीव गोयल, पंकज गुप्ता और सभासद के पति निशिकांत संगल ने हनुमान चौक स्थित रेस्टोरेंट में पत्रकारों से वार्ता कर जानकारी दी कि करीब एक साल पहले नई मंडी के सामने दुकानों का निर्माण किया था। प्रथम तल की 22 दुकानों को गुपचुप तरीके से सार्वजनिक नीलामी के बिना आवंटित कर दिया गया। इन दुकानों की सामान्य वर्ग की दो लाख रुपये, ओबीसी की डेढ़ लाख और एससी की एक लाख रुपये में रसीद काटकर आवंटन किया गया है। उन्होंने बताया कि पालिका के एक कर्मचारी की पत्नी के नाम से दो दुकानें, एक सभासद के परिवार के सदस्यों के नाम से पांच दुकानें, एक सभासद की पुत्री के नाम से एक दुकान आवंटित की गई। सभासदों का कहना है कि नियमानुसार पालिका का कर्मचारी, सभासद व उसके परिवार अथवा ब्लड रिलेशन वाला व्यक्ति पालिका से लाभ नहीं ले सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि पालिका के कुछ कर्मचारियों ने मिलीभगत कर चहेतों को दुकानें आवंटित कर पालिका के राजस्व को नुकसान पहुंचाया है।
शासन तक पहुंचेगा प्रकरण
सभासदों ने कहा कि दुकान आवंटन में की गई धांधली की शिकायत लखनऊ में नगर विकास मंत्री से की जाएगी। इसके अलावा डीएम जसजीत कौर व मंडलायुक्त सहारनपुर को शिकायत कर जांच की मांग की जाएगी।
सोशल मीडिया पर ऑडियो वायरल
शामली। मंगलवार को सोशल मीडिया पर ऑडियो वायरल हो रहा है। वायरल ऑडियो में एक व्यक्ति, जिसे सभासद का पति बताया जा रहा है, वह एक दुकानदार से बातचीत करते हुए कह रहा है कि उनके मामले में रिकवरी के ऑर्डर हो चुके हैं और पेनाल्टी लगी है। सब मिलाकर 48 हजार की रसीद कटेगी। वह इस मामले को 20 से 25 हजार तक निपटवा देंगे। अगर चेयरमैन तक बात पहुंची तो फिर 48 हजार की एक नंबर की रसीद कटेगी। यह काम 30 तारीख से पहले कर लो, उसके बाद पेनाल्टी बढ़कर 56 हजार हो जाएगी। इस संबंध में पालिका ईओ सुरेंद्र सिंह का कहना है कि ऑडियो वायरल का मामला जानकारी में नहीं है। अगर ऐसी शिकायत मिलती है तो जांच कराई जाएगी।
कोट
कुछ सभासदों ने बिना नीलामी के 22 दुकानों के आवंटन होने की शिकायत की है और इस संबंध में जनसूचना अधिकार के तहत जानकारी भी मांगी है। इन दुकानों की पहले नीलामी हुई थी, लेकिन खरीदार न मिलने के कारण दुकानों की कीमत निर्धारित करने का प्रस्ताव बोर्ड बैठक में पास हुआ था। दुकान आवंटन होने का मामला उनकी जानकारी में नहीं है।
-सुरेंद्र सिंह, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका शामली।
नई मंडी के सामने प्रथम तल की 22 दुकानों की पूर्व में तीन बार नीलामी कराई गई, लेकिन कोई खरीदार नहीं आया था। दुकानों की कीमत निर्धारित कर उन्हें नियमानुसार आवंटित किया गया है। अगर किसी दुकान के गलत तरीके से आवंटन होने की शिकायत मिलती है तो उसकी जांच कराई जाएगी।
-अंजना बंसल, चेयरपर्सन नगरपालिका शामली।