दाखिले के लिए मचेगी मारामारी
शामली। इस बार डिग्री कॉलेजों में यूजी कोर्स में दाखिला लेने के लिए मारामारी मचने वाली है। जनपद के आठ हजार से भी ज्यादा छात्र-छात्राओं को जनपद से बाहर का रुख करना पड़ेगा तो कुछ छात्रों को सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में महंगी फीस की मार झेलनी पड़ेगी।
जनपद में दो राजकीय और दो एडेड कॉलेज संचालित हैं, जिसके चलते अब ज्यादातर इंटर पास छात्र-छात्राएं डिग्री कॉलेजों में बीए, बीएससी, बीकॉम, बीएससी कृषि में दाखिला लेंगे। दाखिला लेने के लिए इसबार डिग्री कॉलेजों में मारामारी मचने वाली है। क्योंकि इस वर्ष जनपद में यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए इंटर में 12,104 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे। इनमें से 11626 ने परीक्षा दी और 10091 परीक्षार्थी परीक्षा में पास हुए। इसके चलते जनपद का रिजल्ट 86.80 प्रतिशत रहा। जनपद के चारों डिग्री कॉलेजों में सभी संकायों में मिलाकर लगभग 2200 सीटें ही उपलब्ध हैं, जिसके चलते आठ हजार से भी ज्यादा छात्र-छात्राओं को दाखिला लेने के लिए जनपद से बाहर का रुख करना पड़ेगा। वहीं, कुछ छात्र-छात्राएं राजकीय और एडेड कॉलेजों में दाखिला न होने पर सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में दाखिला लेंगे। इस कारण उन्हें महंगी फीस की मार झेलनी पडे़गी।
जनपद के राजकीय और एडेड कॉलेजों में सीटों की स्थिति
शामली के वीवीपीजी कॉलेज में बीए में 500 सीट और बीकॉम में 120 सीटें उपलब्ध है। वहीं, आरके पीजी कॉलेज में बीएससी में 300, बीएससी कृषि में 160, बीकॉम में 120 सीटें है। राजकीय महिला महाविद्यालय कांधला में बीए में बीए में 240, बीएससी में 180 सीटें है। विजय सिंह पथिक राजकीय डिग्री कॉलेज कैराना में बीए में 320, बीएससी में 120 और बीकॉम में भी 120 सीटों की उपलब्धता है।
बीएससी कृषि में रहती है जबरदस्त मारामारी
जनपद में बीएससी कृषि का एकमात्र कॉलेज आरके पीजी शामली है, जिसमें प्रथम वर्ष में केवल 160 सीटें ही उपलब्ध है। सात इंटर कॉलेजों में कृषि वर्ग की पढ़ाई कराई जाती है, जिनमें सभी में करीब पांच सौ बच्चे इस वर्ष बोर्ड परीक्षा में शामिल रहे। वहीं, जनपद के डिग्री कॉलेज में बीएससी कृषि में दाखिला लेने के लिए अन्य जिलों और स्टेट के छात्र भी पंजीकरण कराते हैं, जिसमें हरियाणा, यूपी में लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर, बरेली से भी छात्र दाखिला लेते है। कम सीटों के होते हुए दाखिले के लिए हर वर्ष मारामारी मची रहती है।