उत्तरप्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेशाध्यक्ष अंकित गोयल के नेतृत्व में सोमवार को सराफा व्यापारी एसपी देवरंजन वर्मा से मिले। उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस सराफा कारोबारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है।
आरोप है कि हरियाणा पुलिस किसी भी मुजरिम को पकड़कर लाती है और उसकी निशानदेही पर झूठा नाम दिखाकर दुकानदार को उठाकर ले जाती है। उसके बाद उस व्यापारी को मोटी धनराशि लेकर छोड़ दिया जाता है। हरियाणा पुलिस ने कैराना, झिंझाना, शामली में पिछले कई माह में दबिश दी और आरोपी को उठा लिया तथा बाद में सेटिंग करने छोड़ दिया। पुलिस का यह धंधा सिर्फ रुपया कमाने के लिए बना लिया है। व्यापारियों ने मांग की कि यदि कोई व्यापारी संदिग्ध मिलता है तो उसकी जांच पहले लोकल पुलिस से कराई जाए। व्यदि यह अवैध वसूली बंद नहीं हुई तो व्यापारी बाजार बंद कर धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर हो जाएंगे। इस दौरा। मौके पर स्वर्णकार समाज के अध्यक्ष धर्मवीर वर्मा, विकास चौधरी, आशु गर्ग, प्रमोद वर्मा, शिवकुमार, प्रवीण गोयल, सुमित बंसल, अनिल भार्गव, अनुराग जैन आदि व्यापारी मौजूद रहे। उधर, शनिवार की रात भी हरियाणा पुलिस ने शामली में दबिश दी थी। यहां से पुलिस ने खानपुर निवासी चेन स्नेचर की निशानदेही पर एक स्वर्णकार को उठा लिया था। इस मामले में भी हरियाणा पुलिस ने व्यापारी को पांच लाख रुपये की सेटिंग कर छोड़ दिया था। चर्चा है कि इस मामले में स्थानीय पुलिस द्वारा सेटिंग कराई गई। यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।