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हत्या के मामले में पत्रकारों को क्लीन चिट, निकाले जाएंगे नाम

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शामली।
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पुलिस ने अधीक्षक ने कहा कि गांव खानपुर कलां निवासी महिला की हत्या के मामले में जांच के बाद पत्रकारों के नाम मुकदमे से निकाले जाएंगे। किसी भी स्थिति में पत्रकारों का उत्पीड़न नहीं होगा। पुलिस अधीक्षक ने आश्वासन दिया कि पत्रकारों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। इस मामले में आरोपी पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच कराई जाएगी।
सोमवार को शामली नगर पालिका परिषद में जिलेभर के पत्रकारों की बैठक हुई। पत्रकारों ने कहा कि महिला की हत्या के मामले में पत्रकार विनोद जैन, पंकज चौहान और एक अन्य पत्रकार के खिलाफ पुलिस ने साजिश के तहत फर्जी रिपोर्ट दर्ज की है, जिस कारण पत्रकारों में पुलिस के खिलाफ रोष व्याप्त है। इस दौरान तय किया गया कि 48 घंटे के भीतर निष्पक्ष जांच कर पत्रकारों के नाम मुकदमे से नहीं निकाले गए, तो न्याय की खातिर आला अफसरों से मुलाकात की जाएगी और आंदोलन करने के लिए भी मजबूर होना पड़ेगा। इस दौरान लोकेश पंडित, राव राफे खां, नीरज भार्गव, दिनेश भारद्वाज, खुर्शीद आलम, प्रवीण वशिष्ठ, आनंद प्रकाश, अमित मोहन गुप्ता, प्रेमचंद वर्मा, अभिषेक, अनुज सैनी, सलेकचंद वर्मा, योगेश चौहान, सुमित राठी, तसलीम, शोएब, प्रदीप, रवि, अजय, रविंद्र मलिक सहित काफी पत्रकार मौजूद रहे। इसके बाद, सीओ सिटी अशोक कुमार के साथ पत्रकारों ने पुलिस अधीक्षक डाक्टर अजयपाल से मुलाकात की और हत्या जैसे संगीन मामले में बगैर किसी जांच के पत्रकारों को नामजद करने पर नाराजगी जताई। पुलिस अधीक्षक ने आश्वासन दिया कि पत्रकारों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। प्रकरण की गंभीरता से जांच कर पत्रकारों के नाम मुकदमे से निकाले जाएंगे। जांच कराकर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।
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तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा
झिंझाना। तीन पत्रकारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने से नाराज झिंझाना, ऊन और चौसाना क्षेत्र के पत्रकारों ने ऊन तहसील में पहुंचकर तहसीलदार यदुवंश कुमार वर्मा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा कि गांव खानपुर कलां निवासी महिला की हत्या के बाद एक दरोगा ने वहां मौजूद महिला से गालीगलौज की। वहीं, पुलिस ने हत्या की रिपोर्ट में तीन पत्रकारों को भी फर्जी तरीके से नामजद कर दिया। उन्होंने मांग की है कि महिला के साथ गालीगलौज करने वाले दरोगा के खिलाफ कार्रवाई के अलावा पत्रकारों के खिलाफ फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराने में साजिश रचने के आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। इस दौरान पत्रकार खुर्शीद आलम, सलेक चंद वर्मा, प्रेमचंद वर्मा, सुमित राठी, योगेश चौहान, मेहरबान कुरैशी, तसलीम आलम, जाबिर राना, आफाक राना, शमीर आलम, नरेन्द्र कुमार चिकारा, अमित गोयल, विकास कुमार, अतुल कुमार, उस्मान, समेत अन्य भी शामिल रहे।
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उपजा ने पत्रकार सुरक्षा सेल बनाने की मांग की
शामली। उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (उपजा) की बैठक नया बाजार स्थित कार्यालय पर हुई। उसमें पत्रकारों के उत्पीड़न पर रोष व्यक्त किया गया। साथ ही पत्रकार सुरक्षा सेल के गठन की मांग की गई। उपजा के जिलाध्यक्ष पंकज वालिया ने कहा कि झिंझाना में तीन पत्रकारों के खिलाफ पुलिस ने फर्जी रिपोर्ट दर्ज की, जबकि इससे पूर्व भी कई बार ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। पुलिस द्वारा पत्रकारों का उत्पीड़न बंद नहीं किया गया, तो पत्रकार सड़क पर उतरकर विरोध करेंगे। इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मांग पत्र देने का प्रस्ताव भी रखा गया। बैठक में श्याम वर्मा, दीपक शर्मा, मनोज सैनी, प्रशांत शर्मा, श्रवण शर्मा, वरुण पंवार, सचिन शर्मा, दीपक शर्मा, राहुल राणा, अमित तरार, आस मोहम्मद, शहनवाज राणा, शुभम रंगीला, अजय बावरा, संदीप कश्यप आदि उपस्थित रहे।
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