मुनाफा कमाने के लिए फल-फूल की खेती करे किसान
शामली। जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि पारंपरिक खेती से ज्यादा मुनाफा किसान फल, फूल और कृषि विविधीकरण से कमा सकते हैं। किसान को जागरूक होकर खेती करनी चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ी को भी फायदा पहुंचे।
मंगलवार को उद्यान विभाग की ओर से भैंसवाल रोड स्थित कृषि उत्पादन मंडी स्थल पर दो दिवसीय कृषक गोष्ठी एवं मेला लगाया गया। मेले का शुभारंभ जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने किया। इस दौरान मेले में लगाए गए स्टाल का निरीक्षण किया। गोष्ठी में जिलाधिकारी ने कहा कि दिल्ली सहित देश के बड़े शहरों के अलावा विदेशों में गुलाब का फूल भेजा जाता है। अगर जिले व आसपास के किसान फल- फूल विविधीकरण खेती को बढ़ावा देंगे तो किसानों की आय दोगुना हो जाएगी। उन्होंने आगरा के आलू उत्पादक किसानों का उदाहरण देते हुए कहा कि गन्ने की खेती के स्थान पर फल- फूलों की खेती, मछली व शूकर पालन करके ज्यादा लाभ कमाया जा सकता है।
कृषि विज्ञान केंद्र बघरा से आए डॉक्टर जेके आर्य ने पौधों की तकनीकी, डाक्टर शिवकुमार ने जैविक खेती, सहारनपुर औद्यानिक प्रशिक्षण केंद्र के डाक्टर सुरेश कुमार ने आम उत्पादन के बारे में जानकारी दी। डॉक्टर आभा जोशी ने आम, अमरूद, लीची स्ट्राबेरी के बागों की सघन खेती करने व उर्वरकों के बारे में जानकारी दी। डॉक्टर अशोक कुमार ने मधुमक्खी पालन और वरिष्ठ विपणन निरीक्षक डाक्टर वीवी सिंह ने फल- फूल सब्जियों के विपणन की व्यवस्था से अवगत कराया। इस मौके पर सीडीओ रेणू तिवारी, उपनिदेशक कृषि रामवीर कटारा, जिला कृषि अधिकारी डॉक्टर हरि प्रकाश चौधरी ने किसानों को गन्ना, गेहूं, आलू आदि फसलों में लगने वाले कीट और रोग से बचाव की जानकारी दी। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सुुरेश सैनी ने पशुपालन विभाग की योजनाओं के बारे में बताया। किसान गोष्ठी का संचालन सहारनपुुुर औद्यानिक प्रशिक्षण केंद्र के डॉक्टर सुरेश ने किया। इस मौके पर भैंसवाल गांव के राजेंद्र ने हल्दी, नींबू का स्टाल लगाया। उद्यान विभाग ने अमरूद का स्टाल लगाया। जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि किसानों को बुधवार को करनाल घरौड़ा में लहसुन, सब्जी- खेती व पशुओं की डेयरी दिखाने ले जाया जाएगा।