फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

्रक ने किशोर को कुचला मौत, जाम लगा रही भीड़ पर लाठीचार्ज

विज्ञापन
विज्ञापन
शामली।
विज्ञापन

मेरठ रोड पर गांव सिंभालका के पास ट्रक से कुचल कर साइकिल सवार छात्र की मौत हो गई। गुस्साए लोगों ने मेरठ करनाल हाईवे पर शव रख कर जाम लगा दिया। जाम खुलवाने पहुंची पुलिस की लोगों से नोकझोंक हुई। पुलिस ने लाठियां फटकार कर लोगों को खदेड़ा और शव मोर्चरी भिजवाया। वहीं, महिलाओं से अभद्रता और युवती को डंडा मारने का आरोप लगाकर कोतवाली पहुंची महिलाओं ने जमकर हंगामा किया।
गांव बरला जट निवासी रामनिवास का पुत्र सावन (17) शामली में एसएससी की कोचिंग कर रहा था। बृहस्पतिवार की दोपहर करीब डेढ़ बजे वह साइकिल से गांव लौट रहा था। गांव सिंभालका के पास पीछे से आए ट्रक चालक ने उसकी साइकिल में टक्कर मार दी। इसमें सावन साइकिल समेत सड़क पर गिर गया और ट्रक के पहिये के नीचे कुचल गया। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। आरोपी चालक ट्रक को छोड़कर मौके से फरार हो गया। सूचना पर ग्रामीणों के साथ पहुंचे परिजनों ने ट्रक चालक को पकड़ने की मांग करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। इसी दौरान कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और शव को ले जाने लगी। इसका भीड़ ने विरोध किया तो उनकी पुलिस से नोकझोंक हुई। आरोप है कि पुलिस ने महिलाओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और छात्र का शव छीनकर मोर्चरी ले गई। कुछ देर बाद सैकड़ों महिलाएं कोतवाली पहुंची और लाठीचार्ज का विरोध करते हुए हंगामा कर दिया। कोतवाली में भी महिलाओं की एक दरोगा के साथ नोकझोंक हुई। परिजनों की मांग थी कि लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
विज्ञापन


लाठी चार्ज में युवती बेहोश
महिलाओं ने आरोप लगाया कि पुलिस के लाठीचार्ज में एक युवती को सिर में डंडा लगने से वह बेहोश हो गई। कोतवाली में पहुंचने पर भी महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उन्हें थाने से भाग दिया। बाद में बेहोश युवती को उसके परिजन अस्पताल ले गए।
विज्ञापन


बिना महिला पुलिस के महिलाओं से भिड़ी खाकी
कोतवाली में कई महिला पुलिसकर्मी तैनात है। पुलिस को पता था कि हाईवे पर हंगामा हो रहा है और छात्र के परिजन जाम लगा रहे है। हंगामा करने वालों में महिलाएं भी शामिल थीं। फिर भी महिला पुलिसकर्मियों को मौके पर नहीं बुलाया गया । ऐसा ही हाल शामली कोतवाली में हुआ, जब महिलाएं हंगामा कर रही थीं तो महिला पुलिसकर्मी भीड़ से पीछे खड़ी रहीं। दो दरोगा महिलाओं को शांत करने में लगे रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें