सोंता रसूलपुर में स्वाइन फ्लू से दो दिनों में दो मौत होने से जहां मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया। वहीं, गांव में बीमारी के कारण दहशत का माहौल बना है। सूचना पर पहुुंची चिकित्सकों की टीम ने गांव में कैंप लगाकर बुखार से पीड़ित लोगों के ब्लड सैंपल लिए।
क्षेत्र के गांव सोंता रसूलपुर निवासी 40 वर्षीय हारून पुत्र बिलाल और 22 वर्षीय इमरान पुत्र तुराब अली को एक सप्ताह पूर्व बुखार आया था। दोनों को पहले शामली फिर मेरठ में चिकित्सक को दिखाया गया। इसके बाद उन्हें दिल्ली रेफर कर दिया गया। जहां दोनों को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। शुक्रवार शाम उपचार के दौरान हारून की मौत हो गई। उसका शव गांव में पहुंचा ही था कि रात्रि में ही इमरान की मौत की भी खबर आ गई। गांव में दो लोगों की स्वाइन फ्लू से मौत की सूचना से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। उधर, शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में पहुंचकर कैंप लगाया और बुखार से पीड़ित लोगों के ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे।
दो सप्ताह पूर्व गांव हींड में व्यापारी दिलशाद की भी स्वाइन फ्लू से दिल्ली में मौत हो गई थी। गांव हींड और सोंता की दूरी चार किमी होने और लगातार दोनों गांवों में स्वाइन फ्लू बुखार से तीन मौतें हो जाने के कारण लोगों में भय है। गांव के वाहिद राणा ने बताया कि गांव के पास से गुजरने वाली कृष्णा नदी का पानी विषैला हो गया है। सरकारी हैंडपंप निगम ने हटा दिए है। पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है।
मजबूरी में दूषित पानी पीने के लिए विवश हैं, गांव में बीमारियां फैलने का डर सता रहा है। जफरू पुत्र रहीम और खलील पुत्र फक्कर की विषैले पानी के कारण एक सप्ताह पूर्व सीने में दर्द के कारण मौत हो चुकी है। बार-बार शिकायतों के बावजूद गांव में डॉक्टर नहीं आते और न ही कैंप लगाया गया है। स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉक्टर रवि पालीवाल ने बताया कि सूचना मिलने पर जिला मुख्यालय से डॉक्टरों की टीम गांव में पहुंच चुकी है, कैंप लगाकर रक्त की जांच की जा रही है।