फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जांच हुई, पर नहीं मिला इलाज और कर्ज में डूब गए परिवार

विज्ञापन
विज्ञापन
इलाज कराने के चक्कर में कर्ज में डूबे परिवार
विज्ञापन

शामली। एक साल पूर्व हेपेटाइटिस को लेकर खूब बवाल मचा। स्वास्थ्य विभाग ने पीड़ितों को जांच और इलाज कराने का आश्वासन दिया। जांच कराई गई तो 60 लोगों में इसकी पुष्टि हो गई। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का इलाज सिर्फ जांच तक ही सीमित रह गया। इसके बाद से स्वास्थ्य विभाग ने हेपेटाइटिस सी से पीड़ित लोगों की कोई सुध नहीं लगी। अमर उजाला ने हेपेटाइटिस सी से ग्रसित गांव कांधला के डांगरोल और कैराना के अलीपुर पहुंचकर हकीकत जानने की कोशिश की। इस दौरा चौंकाने वाली बात सामने आई। बीमारी का इलाज कराने के चक्कर में कई लोग कर्जदार हो गए।
----------
परिवार एक-
नवाब पुत्र इलियास
गांव- अलीपुर कैराना
पेशा-मजदूरी
कर्ज-एक लाख रुपये
नवाब का कहना है कि गत वर्ष स्वास्थ्य विभाग ने उनकी जांच की ओर रिपोर्ट में हेपेटाइटिस सी पॉजिटिव मिला। उसके बाद आज तक स्वास्थ्य विभाग ने कोई दवाई नहीं दी। उनकी पत्नी मुनाजरा भी इस बीमारी से पीड़ित है। मजदूरी नहीं होने के कारण दिन पर दिन कर्ज बढ़ता चला गया।
विज्ञापन

---------
परिवार दो-
खुर्शीद पुत्र सद्दीक
गांव-अलीपुर कैराना
पेशा-मजदूरी
कर्ज-डेढ़ लाख
खुर्शीद से जब बात की गई तो तो उनकी आंख भर आई। हेपेटाइटिस सी से ग्रसित खुर्शीद का कहना है कि वह मजदूरी करता है और छह बच्चे हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने उनकी कोई मदद नहीं की। रोहतक पीजीआई से उनका इलाज चल रहा है, जिसमें 6200 रुपये हर महीने की दवाई आई, जिसके चलते वह कर्ज में भी डूब गया।
-------------
परिवार तीन-
दिलशाद पुत्र जफरू
गांव-अलीपुर कैराना
पेशा-मजदूरी
कर्ज- करीब दो लाख
दिलशाद का कहना है कि रिपोर्ट में उनकी तथा उनकी पत्नी खुर्शिदा को हेपेटाइटिस सी की पुष्टि हुई थी, लेकिन अस्पताल से दवाई नहीं मिली। रोहतक से इलाज शुरू किया गया। आज वह तो ठीक हो गए, लेकिन उनकी पत्नी इस बीमारी के चलते आज भी परेशान है। इलाज कराने के चक्कर में वह दो लाख के कर्जदार हो गए।
---------
परिवार चार
रणधीर पुत्र हिरदा
गांव-डांगरोल कांधला
पेशा-लघु किसान
कर्ज- तीस हजार
रणधीर का कहना है कि जांच में हेपेटाइटिस पाया गया था, लेकिन सरकारी अस्पताल द्वारा कोई इलाज नहीं कराया गया। इसके चलते उन्होंने स्वयं कर्ज लेकर अपना इलाज शुरू कराया, आज वो ठीक हो गए, लेकिन कर्ज में डूब गए।
-----------
परिवार पांच-
चंद्रवीर पुत्र नाहर सिंह
गांव-डांगरोल कांधला
कर्ज- चालीस हजार
पेशा- कृषि
चंद्रवीर का कहना है कि उनके पुत्र मोहित को हेपेटाइटिस सी की पुष्टि हुई थी। पहले आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण इलाज नहीं कराया। बेटे की हालत देखी नहीं गई। कर्ज लेकर बेटे का इलाज कराया गया।
परिवार छह-
काला पुत्र छोटा
गांव-डांगरोल कांधला
पेशा-कृषि
कर्ज- पचास हजार रुपये
काले का कहना है कि गत वर्ष स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच कराई गई थी, जिसमें उसको तथा पुत्र अंकित को बीमारी की पुष्टि हो गई थी। स्वास्थ्य विभाग से मन्नतें की गई, लेकिन इलाज नहीं कराया गया। मजबूरन कर्ज लेकर इलाज शुरू किया गया।
इन लोगों में डांगरोल में हुई थी हेपेटाइटिस सी की पुष्टि
अमर पुत्र सुरेंद्र
रणवीर पुत्र हरदा
सचिन पुत्र सतेंद्र
रामबीर पुत्र भंवर सिंह
अरविंद पुत्र चरण सिंह
जयकुमार पुत्र राजेंद्र
अशोक पुत्र सतपाल
हरबीर पुत्र चरण
रेखा पत्नी सचिन
सोहनबीर पत्नी चंद

ये हैं कैराना के अलीपुर में हेपेटाइटिस सी से पीड़ित
मुस्तकीम पुत्र जिंदा
इसलाक पुत्र फीमू
अखलाक पुत्र इरफान
मेहरबान पुत्र मूदा
नासिर पुत्र वाजिद
कुर्बान पुत्र जबरदीन
कासिम पुत्र जबरदीन
कौशर पुत्र मूदा
जमीला पत्नी अशरफ
इशरत पत्नी मुन्तयाज
इमराना पत्नी शमीम
शकीला पत्नी नवाब
खुुर्शीद पुत्र शफी
दिलशाद पुत्र रुकमदीन
रियाज पुत्र इकबाल

पूर्व में हो चुकी है कई मौतें
कांधला के डांगरोल में हेपेटाइटिस सी से सागर पुत्र आशाराम की मौत हो गई थी, जबकि कैराना के अलीपुर में पप्पू, ताहिर, सूदी, इरशाद, साजिद, वकील, हारुण, कुर्बान आदि की मौत हो चुकी है। हालांकि डाक्टरों का मानना है कि मौत का कारण कुछ और रहा होगा। हालांकि ग्रामीणों के अनुसार सभी में हेपेटाइटिस सी की पुष्टि थी और उसी के कारण मौत हुुई है।
विज्ञापन


हेपेटाइटिस के लिए ब्लड की जांच कराई गई थी, जिसमें करीब 60 लोगों में इसकी पुष्टि हुई थी। सभी पीड़ितों का कहीं न कही इलाज चल रहा था, जिसकी समय-समय पर मॉनिटरिंगी की जाती रही है
-डा. सफल कुमार
सीएमओ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें