शामली। दशलक्षण पर्व के दूसरे दिन दिगंबर जैन साधु सेवा समिति की ओर से आयोजित समारोह में जैन मुनि विज्ञान सागर महाराज ने उत्तम मार्दव धर्म के बारे में उनके महत्व को समझाया। कहा कि जीव को अहंकार का त्याग करके हर जीव को मान सम्मान दे।
शनिवार को तालाब रोड स्थित जैन धर्मशाला में दशलक्षण पर्व के दूसरे दिन दिगंबर जैन साधु सेवा समिति की ओर से जैन मुनि विज्ञान सागर जी महाराज के सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम में इंद्र-इंद्राणियों को जबलपुुुुर से आए विधानाचार्य राजेश जैन ने विधि विधान से पूजा-अर्चना कराई। सौधर्म के इंद्र अशोक जैन, राजबाला, शांति धारा जिनेंद्र जैन, अंकित जैन ने की। भजन मंडली ने जैन धर्म के दिव्य भजन प्रस्तुत प्रस्तुत किए। जैन धर्म के भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। इस मौके पर जैन मुनि विज्ञान सागर महाराज ने कहा कि जीव को अहंकार से दूर रहना चाहिए। जीव को दूसरे की बुुुराई से त्यागना करना होगा। दौलत की अकड़ में दूसरी का अपमान न करे। सभी को सम्मान दे। महापुरुषों की बुराई न देखकर उनके त्याग को महत्व दे। निंदा पापों को बढ़ती हैं। इस मौके पर दिगंबर जैन साधु सेवा समिति के अध्यक्ष जेके जैन, महासचिव अनिल जैन, कोषाध्यक्ष प्रवीण जैन, कार्यक्रम संयोजक सलेकचंद जैन, वीरेश जैन, राजीव जैन, अमित जैन, सुदेश जैन, मुन्ना लाल जैन, अखिलेश जैन, डीके जैन, प्रवीण जैन, श्रीपाल जैन, राहुल जैन, अनिल जैन, रोहित जैन, कनल माला जैन आदि मौजूद रहे।