ग्रामीण क्षेत्र में बीमारियों से बचाव एवं रोकथाम के लिए सार्वजनिक स्वच्छता को शीर्ष तक पहुंचाने के लिए ग्राम समृद्धि एवं स्वच्छता पखवाड़ा एक से 15 अक्तूबर तक चलाया जाएगा।
शासन के मुख्य सचिव राजीव कुमार ने ग्रामीण क्षेत्र की सभी ग्राम पंचायतों में एक अक्तूबर से ग्राम समृद्धि एवं स्वच्छता पखवाड़ा चलाने का आदेश जारी किया है। ग्राम स्तर से लेकर जिला स्तर तक जिम्मेदार अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है। पखवाड़े का रोस्टर तैयार करके प्रत्येक ग्राम पंचायत की प्रगति प्राप्त की जाएगी। जिला स्तर पर सीडीओ प्रभारी अधिकारी के रूप में कार्य करेगी। ग्राम्य विकास आयुक्त की ई- मेल पर नियमित रूप से इस अभियान की रिपोर्ट भेजी जाएगी। पखवाडे़ में ग्राम्य विकास विभाग के साथ साथ पंचायती राज व अन्य विभागों का सहयोग लिया जाएगा। नोडल अधिकारी के रूप में डीपीओ, बीएसए, डीआईओएस, जिला मनोरंजन कर अधिकारी, ग्राम पंचायत सचिव, सीएमओ, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, उपनिदेशक कृषि, जिला मत्स्य अधिकारी, ग्राम्य विकास के परियोजना निदेशक, जल निगम के अधिशासी अभियंता, मनरेगा के डीसी को शामिल किया गया है।
पखवाड़े में यह कार्य होंगे
डीपीआरओ नरेशचंद ने बताया कि एक अक्तूबर को स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। दो अक्तूबर की सुबह प्रभात फेरी निकाली जाएगी। सात अक्तूबर तक स्वच्छता अभियान में स्वच्छ हरित गांव, ग्राम स्वच्छता अभियान में सड़क के किनारे सार्वजनिक स्थानों से कचरे की सफाई, नालियों की सफाई करना, आठ और नौ अक्तूबर को जिला कृषि अधिकारी व उपनिदेशक कृषि द्वारा कृषि सभा आयोजित करके कृषि बीजों की उन्नत किस्मों की आधुनिकतम जानकारी देंगे। 11 अक्तूबर को मनरेगा योजना, जल संरक्षण, 12 अक्तूबर को प्रधानमंत्री ग्राम आवास योजना, वृद्धावस्था, पेंशन, छात्रवृत्ति, एलपीजी, सौर प्रकाश, 13- 14 अक्तूबर को कौशल विकास मिशन में युवाओं का पंजीकरण के लिए शिविर लगाए जाएंगे। 15 अक्तूबर को अभियान की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।