किशोरी सुरक्षा योजना के तहत किशोरियों को वितरित की जाने वाली सेनेट्री पैड कैराना सीएचसी के पीछे कबाड़ में पड़े मिले। सेनेट्री पैड 2015 में एक्सपायर हो चुके हैं। लखनऊ से आई टीम ने कैराना सीएचसी में छापा मारा, तो सेनेट्री पैड अस्पताल के पीछे पडे़ मिले। इस पर टीम ने मामले में जांच के आदेेश दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से किशोरियों को सेनेट्री पैड मुफ्त वितरित किए जाते हैं, लेकिन इसके वितरण में लापरवाही उजागर हुई है। इसका खुलासा बृहस्पतिवार को लखनऊ से आई एनएचएम की टीम के सामने हुआ। जब तक टीम कैराना सीएचसी में पहुंची, उससे पहले ही बड़ी संख्या में सेनेट्री पैड अस्पताल के पीछे फेंक दिए गए। टीम निरीक्षण कर रही थी तो पता चला कि एक्सपायर सेनेट्री पैड पीछे फेंकी गई हैं। कबाड़ से सेनेट्री पैड उठवाकर जांच की गई तो उन पर 2015 की एक्सपायर तिथि लिखी थी। ज्यादातर पैड में दीमक और फफूंदी लगी हुई है। पता चला कि यही सेनेट्री पैड आशाओं को भी वितरित किए जा रहे हैं। हालांकि टीम द्वारा पूछने पर चिकित्साधीक्षक ने मामले की जानकारी से इंकार कर दिया। लखनऊ की टीम ने एसीएमओ डॉक्टर सुशील कुमार को इस मामले में जांच कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।
आखिर 2015 से पहले क्यों नहीं किया गया वितरण
जिन सेनेट्री पैड को स्वास्थ्य विभाग ने बाहर फेंका है, उनका वितरण 2015 तक क्यों नहीं वितरित किया गया। सवाल यह भी है कि यदि वाकई में स्वास्थ्य विभाग इनका डिस्पोजल करना था तो इनका निस्तारण करने में दो साल कैसे लग गए। यदि 2015 में एक्सपायर होने वाली सेनेट्री पैड अब बांटी जा रही हैं, तो 2016 और 2017 वाली सेनेट्री पैड का कहां वितरण किया गया, यह भी जांच का विषय है।
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कैराना अस्पताल में एक्सपायर सेनेट्री पैड टीम के आने से पहले बाहर फेंक दी गई, पता लगा है कि इन्हीं पैड्स को आशाओं का दिया जा रहा था, जिस पर जांच के निर्देेश मिले हैं, जांच कर रिपोर्ट सीएमओ को भेज दी जाएगी
- डाक्टर सुशील कुमार, एसीएमओ।