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सिर पर आ गई परीक्षाएं, पाठ्यक्रम पढ़ा अभी अधूरा

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शामली।
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बोर्ड परीक्षाओं से पहले कॉलेजों में वार्षिक गृह परीक्षाएं जनवरी माह में शुरू होने जा रही है। मगर, अब तक कई स्कूलों में पाठ्यक्रम भी पूरा नहीं हुआ है। इससे विद्यार्थी परेशान नजर आ रहे है। वहीं, बोर्ड परीक्षार्थी ट्यूशन लगाकर कोर्स पूरा करने में लगे है।
स्कूल कॉलेजों में कक्षा छह से आठ के साथ नौवीं और 11वीं कक्षा की वार्षिक गृह परीक्षाएं जनवरी के दूसरे सप्ताह में शुरू होने जा रही है। इसके बावजूद ज्यादातर सरकारी स्कूलों कॉलेजों में अभी तक महत्वपूर्ण विषयों का पाठ्यक्रम पूरा नहीं हो पाया है। शुक्रवार को शहर के कई स्कूलों के छात्रों से बात की गई तो बताया कि अभी विज्ञान, गणित और अंग्रेजी जैसे विषयों के भी काफी पाठ बचे हुए है। शिक्षक बीच के अध्याय छोड़कर कोर्स पूरा कराने में लगे हुए है। शिक्षक कह रहे है कि जो खास पाठ है वहीं पढ़ाया जाएगा। जिस कारण अगली कक्षा में जाने पर छात्रों को परेशानी उठानी पड़ सकती है। वहीं वीवी इंटर कॉलेज के कक्षा 11 के कॉमर्स के छात्र अशोक ने बताया कि अकाउंट के अभी भी कई अध्याय बचे है। छात्रों का कहना है कि कोर्स अधूरा रहने के कारण प्रयोगात्मक परीक्षाओं में भी काफी परेशानी आई है। बोर्ड परीक्षाओं में अच्छे अंक लाने के लिए ट्यूशन करनी पड़ रही है।
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डीआईओएस ने समय पर कोर्स पूरा कराने के दिए निर्देश
इस बार बोर्ड परीक्षा जल्द शुरू होने से पढ़ाई के लिए कम समय मिला है। इस पर डीआईओएस ने सभी कॉलेजों को समय पर कोर्स पूरा कराने के निर्देश दिए थे। कॉलेज प्रधानाचार्यों ने भी कोर्स पूरा कराने के लिए अतिरिक्त कक्षा चलाकर कोर्स पूरा कराने का आश्वासन दिया था। मगर, स्कूलों में अतिरिक्त कक्षा चलाना तो दूर, सही से पूरे पीरियड भी नहीं चल पा रहे है। पीरियड न चलने से परेशान छात्र इंटरवल में ही कॉलेज से निकल जाते है।
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इस बार दशक का सबसे छोटा रहा शिक्षा सत्र
एक अप्रैल से 31 मार्च तक चलने वाले शिक्षा सत्र में बदलाव कर इस बार एक जुलाई से शुरू किया गया। जबकि परीक्षाएं अन्य वर्षों की तुलना एक माह पहले ही शुरू की जा रही है। बोर्ड परीक्षाएं छह फरवरी से प्रस्तावित कर दी गई है। जुलाई से शुरू हुआ शिक्षा सत्र 31 दिसंबर तक चल पा रहा है। प्रयोगात्मक परीक्षा के बाद अब जनवरी माह में वार्षिक गृह परीक्षाएं भी कराई जाएंगी। ऐसे में 220 कार्यदिवस वाला शिक्षा सत्र 150 तक ही भी नहीं पहुंच पा रहा है।
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