हाईस्कूल और इंटर की संशोधित नामावलियों पर कक्षा अध्यापक, प्रधानाचार्य के साथ ही छात्र-छात्राओं के हस्ताक्षर अनिवार्य कर दिए हैं। परीक्षार्थियों के बिना हस्ताक्षर नामावली डीआईओएस कार्यालय एवं बोर्ड स्वीकार नहीं करेगा।
डीआईओएस ने बताया कि बोर्ड परीक्षार्थियों के नाम, जन्मतिथि आदि में होने वाली गलती पर अंकुश लगाने के लिए बोर्ड ने नामावली पर छात्र-छात्राओं के हस्ताक्षर भी जरूरी कर दिए है। अब संशोधन के लिए भेजने वाली नामावलियों पर अपने नाम पता की जांच परीक्षार्थी भी कर सकेंगे। संतुष्ट होने के बाद उन्हें सहमति के रुप में इस पर हस्ताक्षर भी करने होंगे। ऐसे अब केवल प्रधानाचार्य हस्ताक्षर वाली नामावलियां स्वीकार नहीं की जाएगी। बता दे कि पूर्व व्यवस्था में प्रधानाध्यापक द्वारा नामावलियों में कक्षा अध्यापक द्वारा नामावलियों की जांच के बाद संशोधन प्रस्तावित किए जाते थे। आरोप है कि इसके बाद भी गलतियों की शिकायतें रहती थी। जिसके बाद परीक्षार्थियों को गलती ठीक कराने के लिए बोर्ड के चक्कर काटने पड़ते थे। डीआईओएस कार्यालय से सभी 94 कॉलेजों को प्राइवेट व रेग्यूलर छात्र-छात्राओं की नामावलियां भेजी जा चुकी हैं। जांच करने के बाद ही गलतियों का पता चल सकेगा।