पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत जिन गांवों में विद्युतीकरण हुआ ही नहीं, उन्हें भी कागजों में संतृप्त दिखा दिया। इसकी लिखित सूचना भाजपा सांसद हुकुम सिंह को भी दे दी गई। डिस्ट्रिक्ट इलेक्ट्रिसिटी कमेटी की बैठक में भाजपा सांसद ने यह मुद्दा उठाया और योजना के नाम पर कागजों का पेट भरने पर नाराजगी जताई, तो विद्युत निगम के अधिकारी बगल झांकते नजर आए।
बृहस्पतिवार को शामली कलक्ट्रेट में कैराना से भाजपा सांसद हुकुम सिंह की अध्यक्षता में डिस्ट्रिक्ट इलेक्ट्रिसिटी कमेटी की बैठक हुई। जिसमें पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण विद्युतीकरण और राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना सहित जिले में विद्युत परियोजनाओं को लेकर समीक्षा की गई। अधीक्षण अभियंता सुनील कपूर ने बताया कि जिले में विद्युतीकरण योजना के तहत 219 करोड़ रुपये की स्वीकृति हुई थी, जिसके तहत 338 गांवों में विद्युतीकरण किया जाना है। उसमें से 112 गांवों में आंशिक कार्य हो चुका है, जबकि 180 में अभी कार्य नहीं हुआ। इस पर सांसद हुकुम सिंह ने कहा कि पूर्व में विद्युत निगम ने जो सूचना दी थी, उसमें 99 प्रतिशत गांवों में विद्युतीकरण बताया, तो अब विद्युतीकरण में यह अंतर कैसे आया। उदाहरण के तौर पर कांधला क्षेत्र के गांव सैदपुर और ऊन क्षेत्र के गांव प्रधाननगर के बारे में बताया कि वहां खंभे लगा दिए गए, लेकिन लाइन अब तक नहीं खिंच पाई है। अन्य गांवों में भी यही हाल है।
चेतावनी दी कि वह इस बारे में केंद्र सरकार को पत्र भेजेंगे कि विद्युतीकरण योजना में ठीक से कार्य नहीं किया गया, बल्कि जनप्रतिनिधियों को भी गलत सूचना देकर गुमराह किया जा रहा है। इस पर अधीक्षण अभियंता ने कहा कि पूर्व में निर्माण एजेंसी की गलती के कारण सूचना गलत चली गई थी। जिस निर्माण एजेंसी ने समय पर कार्य पूर्ण नहीं किया और गलत सूचना दी, उसका टेंडर निरस्त कराया जा रहा है तथा उसे ब्लैक लिस्ट में डाल दिया गया है। वहीं, सांसद ने आईपीडीएस (इंटीग्रेटिड पावर डेवलेपमेंट स्कीम) में बिजलीघर निर्माण से गांव तितरवाड़ा का नाम काटे जाने पर भी कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जिला समिति ने जो अनुमोदन किया था, उसे अधिकारियों ने अपनी मनमानी से कैसे काट दिया।
डीएम ने जताई नाराजगी
जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने भी गलत सूचना भेजे जाने पर नाराजगी जताई और योजनाओं के तहत कार्यदायी संस्थाओं पर निगरानी रखने का निर्देश दिया। कहा कि विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता तथा अवर अभियंता समय समय पर साइट पर जाकर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता भी जांचते रहें। उधर, शामली से भाजपा विधायक तेजेंद्र निर्वाल ने विद्युत टीमों द्वारा गांवों में चेकिंग के दौरान उपभोक्ताओं के उत्पीड़न का मुद्दा उठाया। बैठक में अधिशासी अभियंता वाईपी सिंह, सुनील पाल, सुरेश चंद, शैलेंद्र गौतम, राजीव कुमार श्रीवास्तव, विनोद कुमार और पंकज कर्णवाल भी मौजूद रहे।
साल के अंत तक तैयार हो जाएंगे चार बिजलीघर
कनियान, खोड़समा, भोगी माजरा और इस्सोपुर टील में निर्माणाधीन बिजलीघरों इसी साल के अंत तक चालू हो जाएंगे। कनियान बिजलीघर का अधिकांश कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि खोड़समा में भवन का कार्य 65 प्रतिशत तैयार है। भोगीमाजरा बिजलीघर अक्तूबर तक और इस्सोपुर टील बिजलीघर नवंबर के अंत तक पूर्ण हो जाएगा।